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लॉकडाउन: 26 बसों से 534 प्रवासी भेजे गए बिहार
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गोपीगंज नगर में हाईवे पर टैंकर के ऊपर बैठकर जाते प्रवासी।
- फोटो : BHADOHI
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ज्ञानपुर। लॉकडाउन में जिले के विभिन्न शेल्टर होम, दुकानों और कंपनी में रुके 534 बिहारी प्रवासियों को शनिवार को प्रशासन ने 26 सरकारी बसों उनके घर भिजवाया। सभी बसों के साथ दो लेखपाल और दो पुलिसकर्मी भी भेजे गए। दूसरी ओर अन्य शहरों में फंसे 350 प्रवासी घर भदोही भी लौटे। उन्हें गोपीगंज के जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज में रोका गया है। वहां मेडिकल परीक्षण के बाद उन्हें होम क्वारंटीन की हिदायत दी गई।
कोरोना वायरस महामारी के कारण डेढ़ माह से पूरा देश लॉकडाउन है। पहले चरण के लॉकडाउन में ही बड़ी संख्या में बिहार, झारखंड के प्रवासी जिले में फंस गए थे। उन्हें अलग-अलग शेल्टर होम में क्वारंटीन किया गया। बिहार सरकार की अनुमति मिलने पर शनिवार को 26 बसों से 534 प्रवासियों को उनके घर भेजा गया। इसमें ज्ञानपुर से 257 जबकि औराई और भदोही तहसील से करीब 277 प्रवासी भेजे गए। ज्ञानपुर तहसीलदार देवेंद्र यादव ने कहा कि सभी बसों में दो लेखपाल और दो पुलिसकर्मी भेजे गए।
वहीं दूसरी ओर तीसरे चरण के लॉकाउन में राहत मिलने पर गुजरात, महाराष्ट्र समेत विभिन्न प्रांतों में नौकरी करने वाले श्रमिक, मजदूर वापस भदोही आ रहे हैं। शनिवार को विभिन्न प्रांतों, शहरों से आए 120 श्रमिकों को जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज में रोका गया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सभी को रवाना किया गया। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में 320 प्रवासियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। डॉ. अशोक पारासर ने बताया कि गृह मंत्रालय से राहत मिलने पर बड़ी संख्या में प्रवासी जिले में पहुंचे हैं। सभी सीएचसी और जिला अस्पताल में 24 घंटे स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
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जान जोखिम में डालकर कर रहे यात्रा
ज्ञानपुर। लॉकडाउन के तीसरे चरण में राहत मिलने के बाद बड़ी संख्या में प्रवासी हाईवे पर आते दिखाई दे रहे हैं। ट्रक, टैंकर से लेकर एलपीजी लेकर जाने वाले वाहनों में बैठकर प्रवासी अपने घर निकल रहे हैं। घर पहुंचने की जल्दी में सभी जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं। औरंगाबाद ट्रेन हादसे के बाद भी कोई चेत नहीं रहा है। प्रशासन और सरकार इस ध्यान नहीं देगी तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
विधायक ने पीएम-सीएम को किया ट्वीट
ज्ञानपुर। लॉकडाउन में दूसरे प्रांतों में फंसे प्रवासियों को घर लाने के लिए विधायक विजय मिश्र ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि डेढ़ माह से मुंबई, दिल्ली, सूरत, अहमदाबाद जैसे शहरों में गरीब, मजदूर फंसे हैं। उनके साथ ही उनका परिवार भी दहशत में है। ऐसे में सरकार ट्रेनें चलवाकर सभी को उनके घर पहुंचाएं।
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कोरोना वायरस महामारी के कारण डेढ़ माह से पूरा देश लॉकडाउन है। पहले चरण के लॉकडाउन में ही बड़ी संख्या में बिहार, झारखंड के प्रवासी जिले में फंस गए थे। उन्हें अलग-अलग शेल्टर होम में क्वारंटीन किया गया। बिहार सरकार की अनुमति मिलने पर शनिवार को 26 बसों से 534 प्रवासियों को उनके घर भेजा गया। इसमें ज्ञानपुर से 257 जबकि औराई और भदोही तहसील से करीब 277 प्रवासी भेजे गए। ज्ञानपुर तहसीलदार देवेंद्र यादव ने कहा कि सभी बसों में दो लेखपाल और दो पुलिसकर्मी भेजे गए।
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वहीं दूसरी ओर तीसरे चरण के लॉकाउन में राहत मिलने पर गुजरात, महाराष्ट्र समेत विभिन्न प्रांतों में नौकरी करने वाले श्रमिक, मजदूर वापस भदोही आ रहे हैं। शनिवार को विभिन्न प्रांतों, शहरों से आए 120 श्रमिकों को जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज में रोका गया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सभी को रवाना किया गया। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में 320 प्रवासियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। डॉ. अशोक पारासर ने बताया कि गृह मंत्रालय से राहत मिलने पर बड़ी संख्या में प्रवासी जिले में पहुंचे हैं। सभी सीएचसी और जिला अस्पताल में 24 घंटे स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
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जान जोखिम में डालकर कर रहे यात्रा
ज्ञानपुर। लॉकडाउन के तीसरे चरण में राहत मिलने के बाद बड़ी संख्या में प्रवासी हाईवे पर आते दिखाई दे रहे हैं। ट्रक, टैंकर से लेकर एलपीजी लेकर जाने वाले वाहनों में बैठकर प्रवासी अपने घर निकल रहे हैं। घर पहुंचने की जल्दी में सभी जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं। औरंगाबाद ट्रेन हादसे के बाद भी कोई चेत नहीं रहा है। प्रशासन और सरकार इस ध्यान नहीं देगी तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
विधायक ने पीएम-सीएम को किया ट्वीट
ज्ञानपुर। लॉकडाउन में दूसरे प्रांतों में फंसे प्रवासियों को घर लाने के लिए विधायक विजय मिश्र ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि डेढ़ माह से मुंबई, दिल्ली, सूरत, अहमदाबाद जैसे शहरों में गरीब, मजदूर फंसे हैं। उनके साथ ही उनका परिवार भी दहशत में है। ऐसे में सरकार ट्रेनें चलवाकर सभी को उनके घर पहुंचाएं।