दो से ढाई लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुरियावां में दो माह से सिलेक्ट्रा मशीन खराब है। इससे मरीजों को खून की जांच कराने में परेशानी हो रही है। मरीज निजी लैब का रुख करने को मजबूर है। मशीन दुरुस्त कराने के लिए अस्पताल प्रशासन ने चार बार कार्यदायी संस्था को पत्र भी लिखा चुका है। सुरियावां सीएचसी पर रोजाना 300 की ओपीडी होती है। इसमें 100 से अधिक मरीजों को जांच की जरुरत पड़ती है। मरीज अशोक कुमार ने बताया कि सुविधा न होने के कारण उन्हे बाहर का रूख करना पड़ रहा है। सिलेक्ट्रा मशीन खराब होने से लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी), किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी), लिपिड प्रोफाइल और कोलेस्ट्रॉल की जांच होती है। इंजीनियर आते हैं, मशीन देखकर वापस चले जाते हैं।
मशीन में करंट पहुंच रहा है, लेकिन सिस्टम ऑन नहीं हो रहा है। मशीन में कुछ तकनीकि फाल्ट है, जो इंजीनियर पकड़ नहीं पा रहे हैं। शंभूनाथ, सुरेंद्र और राधा ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि निजी लैब में निशुल्क होने वाली जांच के लिए बाहर 500 से हजार रुपये तक देना पड़ रहा है। संवाद