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कात्यायनी दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Oct 2016 01:18 AM IST
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मिश्रा मार्केट में स्थापित की गई मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा देखने के लिए भक्तों की भीड़ जुट रही है।
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मां के कात्यायनी स्वरूप की उपासना के लिए शुक्रवार को जिले के देवी मंदिरों में भीड़ उमड़ी। सुबह से लेकर शाम तक दर्शन-पूजन और आरती-हवन के लिए मंदिरों पर लोगों का आवागमन होता रहा। उधर पूजा पंडालों में भी दर्शन-पूजन करने वालों की भीड़ उमड़ी।
देवी आराधना के पवित्र पर्व शारदीय नवरात्र में शुक्रवार को जगत-जननी के छठे स्वरूप कात्यायनी की उपासना की गई। कात्यायन ऋषि के कुल में जन्म लेने के कारण उनका नाम कात्यायनी पड़ा। आदिशक्ति का यह स्वरूप बेहद दयालु माना जाता है। माना जाता है कि इस रात जप-तप करने से माता की कृपा आसानी से प्राप्त होती है।
नवरात्र में श्रद्धालुओं ने देवी आराधना के लिए मंदिरों के अलावा घर-घर स्थापित कलश के समक्ष दुर्गा सप्तशती के पाठ किए और फल-फूल, प्रसाद आदि का भोग लगाकर सुख-सौभाग्य की कामना की। ज्ञानपुर से लगे घोपइला धाम में बड़ी तादाद में देवीभक्तों ने हाजिरी लगाई। यहां मंदिर को करीने से सजाया गया है। दिनभर चल रहे जप-हवन आदि के वैदिक मंत्रोच्चार से मंदिर परिसर और आसपास के इलाके भक्तिमय होते रहे।
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इसी तरह सीतामढ़ी स्थित सीता मंदिर और शीतला माता मंदिर पर भी आस्थावानों की भीड़ उमड़ी। नवरात्र की धूम जिलेभर के देवी मंदिरों में मची है। दूसरी ओर छठवीं तिथि तक जिलेभर के लगभग सभी पूजा पंडालों में महिषासुरमर्दिनी की प्रतिमाओं की स्थापना हो गई। सप्तमी पर सभी पंडालों के पट दर्शन-पूजन के लिए खुल जाएंगे। इसके बाद सुबह-शाम आरती और पूजन का सिलसिला तेज हो जाएगा। हालांकि पहले से पूजी जा रहीं कई पंडालों की देवी प्रतिमाओं में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। ज्ञानपुर नगर के मिश्रा मार्केट में स्थापित दुर्गापूजा पंडाल में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। इसी तरह पियरोपुर और भिदिउरा गांव में स्थापित पूजा पंडालों में भी देवीभक्तों की भीड़ लगी रही।
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देवी आराधना के पवित्र पर्व शारदीय नवरात्र में शुक्रवार को जगत-जननी के छठे स्वरूप कात्यायनी की उपासना की गई। कात्यायन ऋषि के कुल में जन्म लेने के कारण उनका नाम कात्यायनी पड़ा। आदिशक्ति का यह स्वरूप बेहद दयालु माना जाता है। माना जाता है कि इस रात जप-तप करने से माता की कृपा आसानी से प्राप्त होती है।
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नवरात्र में श्रद्धालुओं ने देवी आराधना के लिए मंदिरों के अलावा घर-घर स्थापित कलश के समक्ष दुर्गा सप्तशती के पाठ किए और फल-फूल, प्रसाद आदि का भोग लगाकर सुख-सौभाग्य की कामना की। ज्ञानपुर से लगे घोपइला धाम में बड़ी तादाद में देवीभक्तों ने हाजिरी लगाई। यहां मंदिर को करीने से सजाया गया है। दिनभर चल रहे जप-हवन आदि के वैदिक मंत्रोच्चार से मंदिर परिसर और आसपास के इलाके भक्तिमय होते रहे।
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इसी तरह सीतामढ़ी स्थित सीता मंदिर और शीतला माता मंदिर पर भी आस्थावानों की भीड़ उमड़ी। नवरात्र की धूम जिलेभर के देवी मंदिरों में मची है। दूसरी ओर छठवीं तिथि तक जिलेभर के लगभग सभी पूजा पंडालों में महिषासुरमर्दिनी की प्रतिमाओं की स्थापना हो गई। सप्तमी पर सभी पंडालों के पट दर्शन-पूजन के लिए खुल जाएंगे। इसके बाद सुबह-शाम आरती और पूजन का सिलसिला तेज हो जाएगा। हालांकि पहले से पूजी जा रहीं कई पंडालों की देवी प्रतिमाओं में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। ज्ञानपुर नगर के मिश्रा मार्केट में स्थापित दुर्गापूजा पंडाल में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। इसी तरह पियरोपुर और भिदिउरा गांव में स्थापित पूजा पंडालों में भी देवीभक्तों की भीड़ लगी रही।