ज्ञानपुर/गोपीगंज। कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार को पवित्र पावनी मोक्षदायिनी के तट पर श्रद्धालुओं ने भोर से ही आस्था की डुबकी लगाई। दोपहर तक स्नान-ध्यान का सिलसिला चलता रहा। जिले के विभिन्न गंगा घाटों पर ढाई लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। सूर्योदय के बाद घाटों पर श्रद्धालुओं का रेला दिखा। घाटों पर मेले जैसा नजारा बन गया। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहा। जिलाधिकारी शैलेष कुमार, एसपी अभिमन्यु मांगलिक मेला की मॉनीटरिंग निरंतर करते रहे। जिले के सीतामढ़ी, रामपुर, बिहरोजपुर, डेरवां भवानीपुर, सेमराध, कलिंजरा आदि सहित अलग अलग गंगा घाटों पर भोर में चार बजे से ही स्नानार्थियों की भीड़ पहुंचने लगी। दिन चढ़ने के साथ ही स्नान ध्यान के लिए लोगों की संख्या बढ़ती गई। वैदिक मंत्रोच्चार और जयघोष से घाटों पर वातावरण भक्तिमय रहा। स्नान के बाद दान और मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। सीतामढ़ी, गोपीगंज, सेमराध घाट पर मेला जैसा नजारा रहा। बच्चों ने चाट पकौड़े का आनंद लिया। वहीं महिलाओं ने गृहस्थी के सामान की खरीदारी की। आचार्य गणेश पांडेय ने बताया कि इस बार करीब दस साल बाद पूर्णिमा पर विशेष संयोग बना है। श्रद्धालुओं ने महा कार्तिक के रूप में स्नान किया। इसमें पूजा-पाठ फलदायी माना जाता है। गोपीगंज नगर सहित रामपुर गंगा घाट, सीतामढ़ी, सेमराध नाथ जाने वाले मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मेले को व्यवस्थित करने के लिए हाईवे बड़ा चौराहा, केड़वरिया गुदरीपुर, रामपुर कायस्थान एवं घाट पर पुलिस चौकस रही। अपर जिला अधिकारी कुंवर विरेंद्र मौर्य, एसडीएम भान सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर चमन सिंह चावड़ा सहित ज्ञानपुर तहसीलदार अजय सिंह, एडीओ पंचायत प्रदीप सुमन, ईओ रामबचन यादव, प्रभारी निरीक्षक शैलेश राय आदि ने सुरक्षा व्यवस्था संभाल रखी थी। ईओ ने रामपुर घाट मार्ग पर साफ सफाई, स्वचालित शौचालय, पानी के लिए टैंकर आदि की व्यवस्था रही। मौके पर पूर्व प्रधान आद्या प्रसाद तिवारी, मून्नू तिवारी आदि मौजूद रहे।