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टूटी स्टिक और फटे जूते के सहारे नेशनल तक का सफर
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कभी टूटी हुई हाकी (स्टिक) और फटे जूते पहनकर कैरियर की शुरूआत करने वाली मधु राय हौसलों के दम पर ही हाकी में नेशनल गेम खेल रही हैं। आगे भारत के लिए खेलकर मेडल लाने की तमन्ना है। कहती हैं कि जब कदम बढ़े हैं तो मुकाम जरूर मिलेगा। जल्द ही परिणाम मिलेगा।
जिला मुख्यालय सरपतहां से करीब 10 किमी की दूरी पर स्थित मूसी गांव निवासी घनश्याम राय की पांच संतानों में मधु दूसरे नंबर की हैं। सबसे बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। घनश्याम राय भदोही स्टेडियम के पास ही पान की दुकान चलाते हैं। उसी से परिवार का खर्च चलता है। मधु बताती हैं कि पापा की इतनी कमाई नहीं है कि केवल मुझ पर ही खर्च करें, लेकिन हमारे खेल में वह भरपूर सहयोग देते हैं। बताती हैं कि जब शुरूआत की तो हाकी नहीं थी। दूसरे की टूटी हाकी से प्रैक्टिस हुई और बाद में सहयोग से हाकी मिली। जूते तो आज भी फटे हैं। बगैर एस्ट्रो टर्फ वाले मैदान पर अभ्यास करके नेशनल खेलने वाली मधु बताती हैं कि वे वर्ष 2021 में ही सब जूनियर नेशनल खेल चुकी हैं। इसके पहले भी कई नेशनल खेली हैं। अब लखनऊ हास्टल के लिए चयन हो गया है। आगे इंडिया कैंप में चयनित होना और फिर भारत के लिए खेलने की तमन्ना है।
उधर, मूसी की ही रहने वाली सपना एथलेटिक्स की खिलाड़ी हैं। महज 18 वर्ष की उम्र में ही नेशनल गेम में प्रतिभाग कर चुकी हैं। पन्नालाल राय की पुत्री सपना राय बताती हैं कि उनकी तमन्ना भारत के लिए खेलने की है। बताती हैं कि स्कूल के समय से ही खेलकूद की गतिविधियों में सक्रिय थीं। बाद में यही पसंदीदा खेल हो गया। सपना आठ सौ मीटर की दौड़ स्पर्धा में आगे बढ़ रही हैं। जनवरी 2021 में भोपाल में हुए नेशनल गेम में तीसरा स्थान मिला था। उन्होंने बताया कि खेलो इंडिया में भी चयन हो गया है। अब संघर्ष के दम पर ही उड़ान भरना है। भारत के लिए खेलकर मेडल लाना उद्देश्य है।
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जिला मुख्यालय सरपतहां से करीब 10 किमी की दूरी पर स्थित मूसी गांव निवासी घनश्याम राय की पांच संतानों में मधु दूसरे नंबर की हैं। सबसे बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। घनश्याम राय भदोही स्टेडियम के पास ही पान की दुकान चलाते हैं। उसी से परिवार का खर्च चलता है। मधु बताती हैं कि पापा की इतनी कमाई नहीं है कि केवल मुझ पर ही खर्च करें, लेकिन हमारे खेल में वह भरपूर सहयोग देते हैं। बताती हैं कि जब शुरूआत की तो हाकी नहीं थी। दूसरे की टूटी हाकी से प्रैक्टिस हुई और बाद में सहयोग से हाकी मिली। जूते तो आज भी फटे हैं। बगैर एस्ट्रो टर्फ वाले मैदान पर अभ्यास करके नेशनल खेलने वाली मधु बताती हैं कि वे वर्ष 2021 में ही सब जूनियर नेशनल खेल चुकी हैं। इसके पहले भी कई नेशनल खेली हैं। अब लखनऊ हास्टल के लिए चयन हो गया है। आगे इंडिया कैंप में चयनित होना और फिर भारत के लिए खेलने की तमन्ना है।
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उधर, मूसी की ही रहने वाली सपना एथलेटिक्स की खिलाड़ी हैं। महज 18 वर्ष की उम्र में ही नेशनल गेम में प्रतिभाग कर चुकी हैं। पन्नालाल राय की पुत्री सपना राय बताती हैं कि उनकी तमन्ना भारत के लिए खेलने की है। बताती हैं कि स्कूल के समय से ही खेलकूद की गतिविधियों में सक्रिय थीं। बाद में यही पसंदीदा खेल हो गया। सपना आठ सौ मीटर की दौड़ स्पर्धा में आगे बढ़ रही हैं। जनवरी 2021 में भोपाल में हुए नेशनल गेम में तीसरा स्थान मिला था। उन्होंने बताया कि खेलो इंडिया में भी चयन हो गया है। अब संघर्ष के दम पर ही उड़ान भरना है। भारत के लिए खेलकर मेडल लाना उद्देश्य है।
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