ज्ञानपुर। जिले में मंगलवार को सुबह से तेज और रुक-रुककर पूरे दिन बारिश होती रही। जिससे राजमार्ग पर वाहनों की रफ्तार थमी रही। जबकि नगरों में नाला-नाली के जाम होने, गांवों को जोड़ने वाली छोटी-बड़ी सड़कों की हालत खराब रहने से आवागमन में दुश्वारियां हुईं। उधर, बारिश से धान की फसलों को संजीवनी मिल गई। किसानों ने यूरिया का छिड़काव तेज कर दिया है। पिछले तीन दिनों से हल्की बूंदाबांदी हो रही थी। मंगलवार को सुबह से शाम छह बजे तक कभी तेज तो कभी रुक-रुक कर बारिश होती रही। इससे एनएचआई की सर्विसलेन से लेकर गांव में कच्ची सड़कों पर पानी भरने से आवागमन बाधित रहा। यहां तक कि गोपीगंज के गिराई स्थिति पावर हाउस के सामने बारिश का पानी राजमार्ग की ओर बढ़ने लगा। भदोही-दुर्गागंज मुख्य मार्ग पर हुए गड्ढों में पानी भर गया। कस्तूरीपुर-चकिया, मोढ़ बाजार, कस्तूरीपुर-करियांव, सुरियावां-नेतानगर, सूफीनगर-दरवांसी, गोधना-मैलौना, सुधवै-दरवांसी, औराई-प्रजापतिपुर, चौरापुर-वैदान, बसवरिया-मनापुर सहित अन्य मार्ग बारिश के पानी से भर गए जिससे आवागमन में परेशानी हुई। माधोसिंह बाजार, खमरिया, गोपीगंज, जंगीगंज, कोइरौना बाजार, सोनपुर-कटरा, ज्ञानपुर नगर, सरोई बाजार, नथईपुर रोड तिराहा, जयरामपुर-घोसिया, माधोसिंह नईबस्ती, लालानगर, वहिदानगर, दुर्गागंज बाजार, मोढ़ बाजार में कूड़े-कचरे की सफाई न होने से वह बजबजाते रहे।
उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने बताया कि बारिश धान की फसल के लिए संजीवनी है। बारिश के बाद किसान यूरिया का छिड़काव करें तो बेहतर है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को 40.9 मिमी बारिश दर्ज की गई।