लगभग दो वर्ष विलंब से केंद्रीय जलशक्ति मिशन के तहत 82 ग्राम पंचायतों में प्रस्तावित कार्यों को पूरा करने के लिए हरी झंडी मिल गई है। इसके तहत प्रस्तावित पाइप लाइन बिछाने, ओवरहेड टैंक बनाने, बोरिंग, नलकूप आदि के कार्यों पर करीब 200 दो सौ करोड़ रुपये किए जाएंगे।
जल निगम से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि तो केंद्रीय जलशक्ति मिशन के तहत प्रस्तावित कार्यों को पूरा करने के लिए कार्यदाई संस्था वेलस्पन की टीम जिले में दो वर्ष से डेरा डाले हुए है। टीम ने पेयजल की आपूर्ति के लिए दो वर्ष के दौरान सर्वे कर कुल 367 ग्राम पंचायतों का चयन किया है। इन गांवों में एक दशक पूर्व स्थापित जलनिगम के लगभग 30 पेयजल योजनाओं की स्थिति खराब है। इनमें से 82 गांवों में कार्य शुरू कराने के लिए हरी झंडी दे दी गई है। इन गांवों में कार्य शुरू कराने के प्रस्ताव को विधानसभा चुनाव की आचार संहिता प्रभावी होने से ही हरी झंडी मिल चुकी है। हालांकि इन 82 ग्राम पंचायतों में से 15 में कुछ अड़चन भी सामने आई है, जिसे जिलाधिकारी के स्तर से दूर कराने की कोशिश की जाएगी। योजना के क्रियान्वयन से करीब 20 हजार लाभान्वित होंगे। चयनित गांवों में प्रस्तावित कार्यों को कराने में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। जल निगम के अधिशासी अभियंता मुजीब अहमद का कहना है कि जलशक्ति मिशन के तहत 82 गांवों को कार्य कराने की योजना को हरी झंडी मिली है। इन कार्यों पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे।