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जल जीवन मिशन: आधे-अधूरे काम, आम जन परेशान

Sat, 15 Apr 2023 12:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 15 Apr 2023 12:36 AM IST
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Jal Jeevan Mission: half-done work, common people upset
ज्ञानपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना की रफ्तार कालीन नगरी में सुस्त पड़ गई है। 988 राजस्व गांवों में से अब तक एक भी गांव में पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। कहीं पाइपलाइन बिछाकर छोड़ दिया गया तो कहीं बोरिंग पूर्ण नहीं हो सकी। कई टंकियों का निर्माण भी आधा अधूरा है। इससे अप्रैल में 40 से अधिक गांव में पानी आपूर्ति का दावा भी खोखला साबित होता दिख रहा है। बढ़ती जनसंख्या के साथ-साथ पानी की समस्या भी बढ़ती जा रही है। हैंडपंप आदि भी लगाए गए हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में आर्सेनिक, आयरन और फ्लोराइड की मात्रा पानी में बढ़ने से लोगों को तमाम तरह की बीमारियां भी होने लगी हैं। ऐसे में लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की शुरुआत की। इसके तहत सभी ग्राम पंचायतों में आबादी के हिसाब से पेयजल टंकियां स्थापित कर घर-घर पानी पहुंचाना है। पहले चरण में साल 2021 में 82 परियोजनाएं स्वीकृत हुई। तीन चरण में अब तक 988 गांवों का चयन हुआ। इसमें 50 गांवों में विवाद के कारण काम शुरू नहीं हो सका, जबकि 18 में तकनीकी समस्याएं आ रही है। 900 से अधिक गांव में योजना पर काम चल रहा है, लेकिन कार्यदायी संस्थाओं की उदासीनता से काम की गति काफी धीमी है। इससे समय से घर-घर शुद्ध पानी पहुंचना मुश्किल ही दिख रहा है। सुरियावां ब्लॉक के छनौरा गांव की प्रधान शिवदेवी ने कई बार तहसील दिवस में पत्रक देकर जल जीवन मिशन के लिए जमीन मुहैया कराने की मांग की, लेकिन अब तक उस पर अमल नहीं हो सका। जिससे गांव में योजना शुरू नहीं हो सकी। अभोली ब्लॉक के कुढ़वा गांव में भी टंकी का निर्माण नहीं हो सका। ग्राम प्रधान झल्लू राम ने कहा कि लेखपाल ने चिह्नित जमीन का सीमांकन नहीं कराया। जिससे संस्था की ओर से काम शुरू नहीं कराया जा सका। वर्ष 2021 में जल जीवन मिशन का काम शुरू हुआ। तीन कार्यदायी संस्थाओं को जिम्मेदारी दी गई है। अब तक किसी भी गांव में पेयजल आपूर्ति नहीं हो सकी है। 40 गांव में सीधे सबमर्सिबल पंप से पानी आपूर्ति की तैयारी है। एक सप्ताह से 10 दिनों में यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी। मुजीब अहमद, एक्सईएन, जल निगम
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