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इटवां में मिले 10 कुपोषित बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Sun, 16 Oct 2016 01:58 AM IST
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ज्ञानपुर। औराई विकास खंड के इटवां गांव में शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी रमेश पांडेय पहुंचे। चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी। राज्य पोषण मिशन के तहत गोद लिए गांव में समीक्षा के दौरान तीन बच्चे अति कुपोषित और सात कुपोषित मिले। बच्चों की देखभाल बेहतर न होने पर सीडीओ ने नाराजगी जताई। मातहतों को हिदायत दिया कि आगामी निरीक्षण से पहले स्थिति को सुधारें अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
राज्य पोषण मिशन के तहत जिलास्तरीय अधिकारियों को दो-दो गांव निगरानी के लिए गोद दिया गया है। सीडीओ आरपी मिश्र के सेवानिवृत्त होने के बाद जिले में आए नए सीडीओ रमेश पांडेय शनिवार को गोद लिए गांव इटवां पहुंचे। गांव के विद्यालय पर चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। आवास, बिजली, सड़क, पेंशन की शिकायत ग्रामीणों ने की। सीडीओ ने आश्वस्त किया कि जल्द ही उनकी समस्याओं का निस्तारण करेंगे। इस दौरान पोषण मिशन की समीक्षा के दौरान तीन बच्चे अति कुपोषित और सात कुपोषित पाए गए। कुपोषण दूर करने के प्रति मातहतों की लापरवाही पर नाराजगी जताई। चेतावनी दी कि पखवारे भर के अंदर अति कुपोषित और कुपोषित बच्चों को पौष्टिक आहार देकर सामान्य बनाएं। मातहतों से कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बताते चलें कि कुपोषण खत्म करने के लिए शासन ने राज्य पोषण मिशन और हौसला पोषण योजना को लागू किया है। इसके तहत कुपोषित, अति कुपोषित बच्चों, धात्रियों को पौष्टिक आहार, दूध, घी, फल आदि देना होता है लेकिन बाल विकास एवं पुष्टाहार व स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता से जरूरतमंदों तक लाभ नहीं पहुंच पाता।
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राज्य पोषण मिशन के तहत जिलास्तरीय अधिकारियों को दो-दो गांव निगरानी के लिए गोद दिया गया है। सीडीओ आरपी मिश्र के सेवानिवृत्त होने के बाद जिले में आए नए सीडीओ रमेश पांडेय शनिवार को गोद लिए गांव इटवां पहुंचे। गांव के विद्यालय पर चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। आवास, बिजली, सड़क, पेंशन की शिकायत ग्रामीणों ने की। सीडीओ ने आश्वस्त किया कि जल्द ही उनकी समस्याओं का निस्तारण करेंगे। इस दौरान पोषण मिशन की समीक्षा के दौरान तीन बच्चे अति कुपोषित और सात कुपोषित पाए गए। कुपोषण दूर करने के प्रति मातहतों की लापरवाही पर नाराजगी जताई। चेतावनी दी कि पखवारे भर के अंदर अति कुपोषित और कुपोषित बच्चों को पौष्टिक आहार देकर सामान्य बनाएं। मातहतों से कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बताते चलें कि कुपोषण खत्म करने के लिए शासन ने राज्य पोषण मिशन और हौसला पोषण योजना को लागू किया है। इसके तहत कुपोषित, अति कुपोषित बच्चों, धात्रियों को पौष्टिक आहार, दूध, घी, फल आदि देना होता है लेकिन बाल विकास एवं पुष्टाहार व स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता से जरूरतमंदों तक लाभ नहीं पहुंच पाता।
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