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दोपहर बाद तक रिमझिम बारिश, फिर खिली धूप
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ज्ञानपुर। निसर्ग तूफान मुंबई तट पर आकर भले ही कमजोर पड़ गया हो, मगर उसके असर से कालीन नगरी के मौसम में भी बदलाव आ गया है। हल्की हवाओं के साथ बृहस्पतिवार को दो घंटे तक रिमझिम बारिश हुई। इस दौरान निचले इलाकों में जलजमाव और कीचड़ हो गया। इससे सामान्य जनजीवन बेपटरी हो गया।
उत्तर-पश्चिम कोणीय हवाओं से बने दबाव के साथ बृहस्पतिवार को भदोही जिले के आसमान पर बादलों की घेरेबंदी तेज हो गई। दिन के 11 बजे के आसपास रिमझिम बारिश शुरू हो गई। इस दौरान गरज-चमक से लोग सहम गए थे। एक घंटे की रिमझिम के बाद बारिश बंद हो गई, लेकिन बादल छाए रहे। दोपहर एक बजे के आसपास फिर बारिश हुई, जो दो बजे के बाद तक चलती रही। तीन बजे के करीब बादल छंटने लगे और थोड़ी ही देर में धूप खिल गई। मौसम के जानकारों के मुताबिक अगले 48 घंटों के दौरान बारिश की संभावना है। मौजूदा सीजन में पांच से छह बार तूफान और ओलावृष्टि से गेहूं, सब्जी और आम की फसल को पहले ही काफी नुकसान हो चुका है। पेड़ उखड़ने और तार-पोल टूटने से कई दिनों तक यातायात और बिजली आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त रही, सो अलग। अब सब्जी और आम की बची फसलों को दोबारा खोने का साहस किसानों में नहीं है। मगर बृहस्पतिवार को फिर शुरू हुए मौसमी बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि प्रकृति के कोप से बचने के लिए क्या उपाय किया जाए।
मौसम का यह बदलाव निसर्ग तूफान के असर के चलते हुआ बताया जा रहा है। सुबह ही आसमान में काले बादल उमड़-घुमड़ करने लगे और 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं हवाओं ने गर्मी की तपिश कम कर दी। जिले का अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्शियस पर आ गया। किसी भी समय बारिश और आंधी की आशंका जताई जा रही थी। कृषि विशेषज्ञ एके चतुर्वेदी कहते हैं कि गेहूं के बाद सब्जी और आम की फसलों को हाल के दिनों में आए छह तूफान ने काफी क्षति पहुंचाई है। इससे रही-सही फसल भी चौपट हो सकती है। यद्यपि ओलावृष्टि नहीं हुई तो सब्जी की खेती पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
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उत्तर-पश्चिम कोणीय हवाओं से बने दबाव के साथ बृहस्पतिवार को भदोही जिले के आसमान पर बादलों की घेरेबंदी तेज हो गई। दिन के 11 बजे के आसपास रिमझिम बारिश शुरू हो गई। इस दौरान गरज-चमक से लोग सहम गए थे। एक घंटे की रिमझिम के बाद बारिश बंद हो गई, लेकिन बादल छाए रहे। दोपहर एक बजे के आसपास फिर बारिश हुई, जो दो बजे के बाद तक चलती रही। तीन बजे के करीब बादल छंटने लगे और थोड़ी ही देर में धूप खिल गई। मौसम के जानकारों के मुताबिक अगले 48 घंटों के दौरान बारिश की संभावना है। मौजूदा सीजन में पांच से छह बार तूफान और ओलावृष्टि से गेहूं, सब्जी और आम की फसल को पहले ही काफी नुकसान हो चुका है। पेड़ उखड़ने और तार-पोल टूटने से कई दिनों तक यातायात और बिजली आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त रही, सो अलग। अब सब्जी और आम की बची फसलों को दोबारा खोने का साहस किसानों में नहीं है। मगर बृहस्पतिवार को फिर शुरू हुए मौसमी बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि प्रकृति के कोप से बचने के लिए क्या उपाय किया जाए।
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मौसम का यह बदलाव निसर्ग तूफान के असर के चलते हुआ बताया जा रहा है। सुबह ही आसमान में काले बादल उमड़-घुमड़ करने लगे और 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं हवाओं ने गर्मी की तपिश कम कर दी। जिले का अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्शियस पर आ गया। किसी भी समय बारिश और आंधी की आशंका जताई जा रही थी। कृषि विशेषज्ञ एके चतुर्वेदी कहते हैं कि गेहूं के बाद सब्जी और आम की फसलों को हाल के दिनों में आए छह तूफान ने काफी क्षति पहुंचाई है। इससे रही-सही फसल भी चौपट हो सकती है। यद्यपि ओलावृष्टि नहीं हुई तो सब्जी की खेती पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
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