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झूमकर बरसे बदरा, निचले इलाकों में भरा पानी
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भदोही का स्टेशन रोड जिस पर आधा दर्जन बैंकों में आवागमन मुश्किल हो गया
- फोटो : BHADOHI
ज्ञानपुर। मुंबई में आए निसर्ग तूफान का असर जिले में दिखने को मिल गया। बृहस्पतिवार शाम से शुरू बारिश शुक्रवार सुबह नौ बजे तक 87 मिमी बारिश हुई। लगातार बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया तो सड़कों पर जलभराव ने आवागमन को मुश्किल बना दिया। मोढ़ के कपूरीपट्टी में बिजली गिरने से दो लोग झुलस गए। बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए और वह धान की नर्सरी डालने में जुट गए।
पश्चिम बंगाल में आए तूफान के कारण जिले में तीन से चार दिनों तक आंधी-बारिश का दौर चला। अभी कुछ दिन ही गुजरे तो निसर्ग तूफान ने मानसून बना दिया। बृहस्पतिवार को दिन में दो घंटे की हल्की बारिश के बाद आसमान साफ हो गया। मगर, देर रात एक बार फिर आसमान में बादलों की घेरेबंदी हुई और झमाझम बारिश शुरू हो गई। शाम से शुरू हुई बारिश शुक्रवार को सुबह तक होती रही। दिन भर रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहा। ज्ञानपुर के बालीपुर रोड स्थित राजकीय गेस्ट हाउस में एक फीट तक पानी भर गया तो विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में भी जलभराव हो गया। विकास भवन के तृतीय तल पर स्थित समाज कल्याण विकास विभाग के सामने जल निकासी का समुचित प्रबंध न होने से कक्ष में पानी घुस गया।
दुर्गागज तिराहा, भुड़की मार्ग समेत अन्य क्षेत्रों में जल निकासी के अभाव में सड़कों पर पानी भर गया। मोढ़ के कपूरीपट्टी गांव में बारिश के समय रात नौ बजे विक्की सिंहके मकान पर बिजली गिरने से दीवार में दरार आ गई। इससे बिजली का बोर्ड, इन्वर्टर, इलेक्ट्रानिक उपकरण जल गए। कमरे में मौजूद राम सिंह (41) और सुषमा सिंह (48) झुलस गए। हलका लेखपाल रविंद्र सिंह ने मौका-मुआयना किया।
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उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि रात में कुल 87 मिमी बारिश हुई। उन्होंने बताया कि अक्तूबर के बाद पहली बार इतनी अधिक बारिश दर्ज की गई। उन्होंने किसानों से कहा कि यह बारिश उनके लिए फायदेमंद है। वह धान की नर्सरी डाल दें। गर्म मौसम न होने से नर्सरी तेजी से विकसित होगा।
पालिका और नगर पंचायत की खुली पोल
ज्ञानपुर। बारिश में नगरीय विकास के दावों की पोल खुल जाती है। जिले की दो नगर पालिकाओं और पांच नगर पंचायतों में बृहस्पतिवार की शाम हुई बारिश के कारण जलभराव हो गया। जल निकासी के लिए बनी नालियों की समय-समय पर सफाई न होने के कारण अक्सर ऐसी दिक्कत आती है।
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पश्चिम बंगाल में आए तूफान के कारण जिले में तीन से चार दिनों तक आंधी-बारिश का दौर चला। अभी कुछ दिन ही गुजरे तो निसर्ग तूफान ने मानसून बना दिया। बृहस्पतिवार को दिन में दो घंटे की हल्की बारिश के बाद आसमान साफ हो गया। मगर, देर रात एक बार फिर आसमान में बादलों की घेरेबंदी हुई और झमाझम बारिश शुरू हो गई। शाम से शुरू हुई बारिश शुक्रवार को सुबह तक होती रही। दिन भर रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहा। ज्ञानपुर के बालीपुर रोड स्थित राजकीय गेस्ट हाउस में एक फीट तक पानी भर गया तो विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में भी जलभराव हो गया। विकास भवन के तृतीय तल पर स्थित समाज कल्याण विकास विभाग के सामने जल निकासी का समुचित प्रबंध न होने से कक्ष में पानी घुस गया।
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दुर्गागज तिराहा, भुड़की मार्ग समेत अन्य क्षेत्रों में जल निकासी के अभाव में सड़कों पर पानी भर गया। मोढ़ के कपूरीपट्टी गांव में बारिश के समय रात नौ बजे विक्की सिंहके मकान पर बिजली गिरने से दीवार में दरार आ गई। इससे बिजली का बोर्ड, इन्वर्टर, इलेक्ट्रानिक उपकरण जल गए। कमरे में मौजूद राम सिंह (41) और सुषमा सिंह (48) झुलस गए। हलका लेखपाल रविंद्र सिंह ने मौका-मुआयना किया।
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उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि रात में कुल 87 मिमी बारिश हुई। उन्होंने बताया कि अक्तूबर के बाद पहली बार इतनी अधिक बारिश दर्ज की गई। उन्होंने किसानों से कहा कि यह बारिश उनके लिए फायदेमंद है। वह धान की नर्सरी डाल दें। गर्म मौसम न होने से नर्सरी तेजी से विकसित होगा।
पालिका और नगर पंचायत की खुली पोल
ज्ञानपुर। बारिश में नगरीय विकास के दावों की पोल खुल जाती है। जिले की दो नगर पालिकाओं और पांच नगर पंचायतों में बृहस्पतिवार की शाम हुई बारिश के कारण जलभराव हो गया। जल निकासी के लिए बनी नालियों की समय-समय पर सफाई न होने के कारण अक्सर ऐसी दिक्कत आती है।