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Bhadohi News: खजूर से रोजा खोलना सुन्नत, बाजार में 10-12 किस्में हैं उपलब्ध
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भदोही। सोमवार को माहे रमजान के दो रोजे पूरे हो गए। मौसम खुशगवार होने से लोगों को दो रोजे बिताने में कोई तकलीफ नहीं हुई। उधर, रमजान के चलते बाजार की रौनक बढ़ गई है। लोग इफ्तार करने के बाद बाजार की ओर निकल रहे हैं। खजूर से रोजा खोलना सुन्नत माना जाता है। इसलिए बाजार में 10 से 12 किस्मों के खजूर की अस्थाई दुकानें सज गई हैं। खजूर पर महंगाई की मामूली मार पड़ी है।
रोजा इफ्तार में सबकी पहली पसंद खजूर है। इसके बाद अधिकतर रोजेदार फलों का सेवन करना पसंद करते हैं। अन्य लोगों में चटपटे आइटमों, चने और मटर की घुघनी, पकौड़ी के अलावा मिष्ठान्न भी इफ्तार में लोगों की पहली पसंद होती है। नगर के उलेमा बताते हैं कि खजूर से रोजा खोलना सुन्नत होता है। यही कारण है कि दस्तरखान पर हर किसी के लिए खजूर अलग कर रख दिए जाते हैं। इन दिनों खजूर की बिक्री बढ़ गई है, क्योंकि सस्ता हो या महंगा हर कोई खजूर से रोजा खोलना पसंद करता है। बाजार में खजूर की एक दर्जन से अधिक किस्में उपलब्ध हैं। इसकी दुकानें भी बहुतायत में खुल गई हैं। अकेले भदोही के अजिमुल्लाह चौराहे पर सात आठ की संख्या में अस्थाई दुकानें खुली हैं। जहां 120 रुपये से लेकर 2000 रुपये प्रति किलो तक खजूर मिल रहा है। लोग बताते हैं कि अजवा सबसे महंगा होता है, जो 2500 रुपये प्रति किलो से शुरू होता है। महंगा होने के चलते दुकानदार इसे रखना नहीं चाहते। शादाब खजूर वाले ने बताया कि उनके पास इरानी, कीमिया आदि बिक्री अधिक है। उधर दूसरे दुकानदार मुन्ना ने बताया कि गत वर्ष जो खजूर 140 रुपये किलो था, वह इस साल कीमत 160 रुपये हो गई है। अधिकतर खरीदारी 200 रुपये किलो वाले खजूर की हो रही है।
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रोजा इफ्तार में सबकी पहली पसंद खजूर है। इसके बाद अधिकतर रोजेदार फलों का सेवन करना पसंद करते हैं। अन्य लोगों में चटपटे आइटमों, चने और मटर की घुघनी, पकौड़ी के अलावा मिष्ठान्न भी इफ्तार में लोगों की पहली पसंद होती है। नगर के उलेमा बताते हैं कि खजूर से रोजा खोलना सुन्नत होता है। यही कारण है कि दस्तरखान पर हर किसी के लिए खजूर अलग कर रख दिए जाते हैं। इन दिनों खजूर की बिक्री बढ़ गई है, क्योंकि सस्ता हो या महंगा हर कोई खजूर से रोजा खोलना पसंद करता है। बाजार में खजूर की एक दर्जन से अधिक किस्में उपलब्ध हैं। इसकी दुकानें भी बहुतायत में खुल गई हैं। अकेले भदोही के अजिमुल्लाह चौराहे पर सात आठ की संख्या में अस्थाई दुकानें खुली हैं। जहां 120 रुपये से लेकर 2000 रुपये प्रति किलो तक खजूर मिल रहा है। लोग बताते हैं कि अजवा सबसे महंगा होता है, जो 2500 रुपये प्रति किलो से शुरू होता है। महंगा होने के चलते दुकानदार इसे रखना नहीं चाहते। शादाब खजूर वाले ने बताया कि उनके पास इरानी, कीमिया आदि बिक्री अधिक है। उधर दूसरे दुकानदार मुन्ना ने बताया कि गत वर्ष जो खजूर 140 रुपये किलो था, वह इस साल कीमत 160 रुपये हो गई है। अधिकतर खरीदारी 200 रुपये किलो वाले खजूर की हो रही है।
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