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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   It felt like death came in front

स्कूल बस दुर्घटना-2

Thu, 12 Dec 2019 12:15 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2019 12:15 AM IST
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It felt like death came in front
भदोही। दुर्गागंज- भदोही मार्ग के नयेपुर गांव में बुधवार की सुबह 7.45 बजे ट्रक-बस की टक्कर के के दौरान बस में सवार बच्चों ने जो दृश्य देखा वह नजारा उनके आंखो से हट नहीं रहा है। बच्चों के लिए यह दुर्घटना किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था। जिस प्रकार से ट्रक भिड़ी वह केवल फिल्मों में ही देखा सुना था। कुछ देर तक सभी को लगा जैसे वे सभी मौत के मुंह में समा गए हों लेकिन थोड़ी ही देर बाद खुद को सही सलामत पाया तो राहत महसूस की। घटना ने नौ माह पूर्व लखनों गांव में हुए वैन हादसे की याद को ताजा कर दिया। दिन भर जिले में इसी की चर्चा होती रही।
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सुबह-सुबज नयेपुर में जब दुर्घटना हुई तो चीख पुकार सुनकर गांव के लोग उधर ही भागकर पहुंचे। उनमे घायल तो कुछ ही बच्चे हुए थे, लेकिन बाकी सभी बच्चे सहम गए। घायल बच्चों के लिए इतना बड़ा सदमा था कि राजकीय अस्पताल में भी कुछ सही से नहीं बोल पा रहे थे। सोशल मीडिया के चलते घटना की जानकारी जंगल में आग की तरह फैली। लोग धड़ाधड़ अपडेट दे रहे थे। सूचना होने पर बच्चों के अभिभावक भी घटना स्थल की ओर भागे। नौ बजे तक राजकीय अस्पताल में काफी भीड़ जमा हो गई थी। हर कोई यह सुनने को बेताब था कि उनका बच्चा सही सलामत है।
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मौके से प्रत्यक्षदर्शी अरशद अंसारी लल्लू ने बताया कि स्कूल बस की रफ्तार सामान्य थी। सुबह का समय होने से कोहरे का भी असर था। बस अपनी लेन से आ रही थी जब ट्रक सामने से अपना लेन तोड़कर उससे जाकर भिड़ी। बताया कि यदि ट्रक ने साइड से टक्कर मारी होती तो बस के पलटने का अंदेशा था तब कहीं अधिक दिक्कत होती।
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स्कूल बस चालक की हो रही प्रसंशा
भदोही। वाराणसी के ट्रामा सेंटर में उपचाराधीन स्कूल बस चालक हरिशंकर सिंह की प्रसंशा हो रही है। चालक ने एकाएक सामने ट्रक देख कर न केवल सूझबूझ से बस के ब्रेक लगाए बल्कि बस के मोशन को भी बनाए रखा। कहा जा रहा है दुर्घटना के समय केवल ट्रक में रफ्तार थी। यदि दोनो वाहनों की रफ्तार रही होती तो नुकसान कहीं अधिक होता। चालक ने अनुभव से बस की रफ्तार पर काबू पाकर बच्चों की जान बचाई जिसकी सराहना हो रही है।

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अभिभावकों ने जताई नाराजगी
सुरियावां। भदोही के नयेपुर में बुधवार की सुबह हुई घटना को लेकर अभिभावक खासे नाराज है। उनका आरोप है कि स्कूल वाहन प्रतिदिन सुबह छह बजे बच्चों को लेने आ जाती है। आठ बजे के बाद का स्कूल है लेकिन दो घंटे पहले बस का आना काफी दिक्कत भरा है। मनोज गुप्ता, माताप्रसाद, शिव कुमार ने कहा कि संचालक बसों की संख्या बढ़ाने के बजाए उनको अधिक क्षेत्र सौंपते है, जिससे ऐसी घटनाओं में इजाफा होता है।
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