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Bhadohi News: 38 एंबुुलेंस की सर्विस पर हर महीने खर्च होते हैं तीन लाख, जरूरत पर लगाने पड़ते हैं धक्के

Tue, 06 Jan 2026 12:59 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 06 Jan 2026 12:59 AM IST
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It costs three lakh every month to maintain 38 ambulances, and they have to be pushed into service when needed.
ज्ञानपुर जिला अस्पताल में खड़ी एम्बुलेंस। संवाद
ज्ञानपुर। जनपद में स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था कितनी मुकम्मल है इसकी बानगी रविवार को जिला अस्पताल ज्ञानपुर में देखने को मिली। सड़क हादसे में घायल एक मरीज को एंबुलेंस में शिफ्ट करने के बाद जब एंबुलेंस को चालक ने स्टार्ट किया तो वह चालू ही नहीं हुई। इसके बाद वहां मौजूद तीमारदार, स्वास्थ्यकर्मी और पुलिस ने 25 मिनट तक 30 मीटर तक धक्का देकर स्टार्ट कराने की कोशिश किए, फिर भी एंबुलेंस चालू नहीं हुई। मामले में सोमवार को सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक ने एंबुलेंस नोडल डॉ.ओपी शुक्ला और जिला एंबुलेंस प्रबंधक अभिजीत सिंह से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके साथ ही तीन महीने की सर्विस सत्यापन रिपोर्ट भी तलब किया है। जनपद में इमरजेंसी सेवा एंबुलेंस का हाल खराब है। आपात परिस्थितियों में मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस की सर्विस के लिए हर महीने लगभग तीन लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। सर्विस बुक भी मेटेंन की जा रही है। उसके बाद भी आकस्मिक स्थिति में एंबुलेंस चालू नहीं होती है। सात महीने पहले दुर्गागंज में मरीज को लेकर जाते समय गेट का लॉक खुल गया था। उसके बाद से उस एंबुलेंस के गेट को रस्सी से बांधकर मरीज को लाया और ले जाया जाता था।
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यह है मामला
महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल में सड़क हादसे में घायल होकर एक मरीज पहुंचा था। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने घायल को एंबुलेंस में शिफ्ट कर दिया। जब चालक ने एंबुलेंस स्टार्ट करने की कोशिश की तो वह चालू नहीं हुई। करीब 25 मिनट तक धक्का देने के बाद भी जब एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हुई तो डॉक्टरों ने दूसरी एंबुलेंस बुलाकर मरीज को वाराणसी भेजा।
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सीएमओ ने मांगी अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर की सर्विस बुक सत्यापन रिपोर्ट

मामले में सीएमओ ने एंबुलेंस नोडल और जिला एंबुलेंस प्रबंधक से अक्तूबर, नवंबर, दिसंबर की सर्विस बुक के सत्यापन की रिपोर्ट मांगी है। चेतावनी दी है कि सत्यापन रिपोर्ट में खामियां मिलने पर कार्रवाई करेंगे।
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हर महीने 25 से 30 तारीख के बीच आती है सर्विस वैन

जनपद में 41 एंबुलेंस हैं। हर महीने में 25 से 30 तारीख के बीच एंबुलेंस की सर्विस के लिए वाराणसी, प्रयागराज, मिर्जापुर, जौनपुर से सर्विस वैन आती है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एक एंबुलेंस की सर्विस पर हर महीने औसतन सात से आठ हजार रुपये खर्च होते हैं। इस सर्विस में इंजन आयल चेंज किया जाता है। बैटरी का कार्बन, सेल्फ की सफाई, एयर फिल्टर, डीजल फिल्टर बदला जाता है।

इस तरह के फॉल्ट होने पर भेजा जाता है वर्कशॉप
इंजन में खराबी
गेयर बॉक्स में खराबी

एंबुलेंस नोडल, एंबुलेंस जिला प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। बीते तीन महीने की सर्विस रिपोर्ट भी मांगी गई है। जरूरत पर मरीज को सेवा मिलनी चाहिए। यह प्राथमिकता है। - एसके चक, सीएमओ, भदोही।
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