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ट्यूबवेल की नाली क्षतिग्रस्त, कैसे हो सिंचाई

Sun, 15 Dec 2019 12:30 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 15 Dec 2019 12:30 AM IST
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Irrigation crisis
ज्ञानपुर। जिला मुख्यालय से सटे गांव लखनो दुबान के किसानों की पांच सौ बीघे से अधिक रकबे पर सिंचाई का संकट हो गया है। सरकारी ट्यूबवेल की नाली पांच महीने से इस कदर जर्जर हो गई है कि उससे पानी खेतों तक पहुंच पाना संभव नहीं है। निजी नलकूप से सिंचाई करने में किसानों को महंगा पड़ रहा है। इससे किसान परेशान हैं।
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किसानों का आरोप है कि ट्यूबवेल की नाली लंबे समय से खराब पड़ी है और उसे दुरुस्त कराने के लिए कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। नाली टूटने से क्षेत्र के तमाम किसानों को सिंचाई के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। क्षतिग्रस्त नालियां झाड़-फानूस और कचरे से पटी पड़ी हैं। प्रधान से भी इसकी शिकायत करते हुए मदद करने की गुहार लगाई गई। निजी नलकूपों से पानी की सिंचाई करने में 50 से लेकर सौ रुपये तक प्रति घंटा देना पड़ता है, जो किसानों के लिए महंगा सौदा है। इस समस्या की ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं है। गांव की महिला पियारी देवी और किलो दुबे ने कहा कि खेतों की सिंचाई में ट्यूबवेल की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है, लेकिन जब नाली ही ठीक नहीं रहेगी तो कैसे होगा। पांच महीने से नाली टूटी है, लेकिन कोई ध्यान देने वाला नहीं है। किसान क्या करें, समझ नहीं आता। इसी तरह पप्पू दुबे और जगदीश ने कहा कि इस समस्या की ओर प्रधान का ध्यान आकृष्ट कराते हुए संबंधित विभाग तक बात पहुंचाने की गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला। गांव के कोको दुबे ने कहा कि किसानों की इस समस्या पर 10 दिन में समाधान नहीं तलाशा गया तो लखनऊ जाकर विधानसभा के सामने प्रदर्शन किया जाएगा।
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