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UP : कालीन उद्यमी को बीमा क्लेम न देने पर बीमा कंपनी पर 30 हजार का जुर्माना
Fri, 29 Nov 2024 08:36 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही
अमर उजाला नेटवर्क, भदोही
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Fri, 29 Nov 2024 08:36 PM IST
सार
जिला उपभोक्ता आयोग ने कड़ा रूख अपनाते हुए कालीन उद्यमी को बीमा क्लेम न देने पर बीमा कंपनी पर तीस हजार का जुर्माना लगाया है। बताया जा रहा है कि गोदाम में पानी भरने से कॉटनयार्न और कारपेट मैटेरियल खराब हो गया था। जब इस बात की शिकायत हुई तो झूठा बताते हुए इंश्योरेंस कंपनी ने बीमा क्लेम देने से इन्कार कर दिया था। अब आयोग ने 3,95,822 रुपये छह फीसदी ब्याज के साथ देने का निर्देश दिया।
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जिला उपभोक्ता आयोग
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
जिला उपभोक्ता आयोग ने शुक्रवार को कॉटनयार्न और कारपेट मैटेरियल के खराब होने का बीमा क्लेम न देने पर नेशनल बीमा कंपनी के प्रधान व भदोही शाखा प्रबंधक पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। आयोग ने दो माह के अंदर कालीन उद्यमी को क्षतिपूर्ति की 3,95,822 रुपये छह फीसदी ब्याज के साथ देने का निर्देश दिया। चेताया कि तय समय में आदेश का अनुपालन न होने पर नौ फीसदी ब्याज के साथ धनराशि भुगतान करना होगा।
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जिला उपभोक्ता आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि चक सैफ मेन रोड भदोही निवासी कालीन उद्यमी व पंकज टेक्सटाइल्स के प्रोपराइडर पंकज जयसवाल ने 26 अक्टूबर 2023 को नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के भदोही और प्रधान प्रबंधक, कोलकाता के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी। बताया कि उनके कॉटन यार्न में पानी में डूबने के कारण 3,95,822 का नुकसान हुआ था। उन्होंने गोदाम में मौजूद स्टॉक का बीमा कराया था। बीमा 18 अप्रैल 2022 से 17 अप्रैल 2023 तक रही।
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उन्होंने जिस बीमा को लिया था। उसकी पॉलिसी 50 लाख रुपये तक के स्टॉक के लिए थी। जिसमें प्राकृतिक आपदाएं भी शामिल थे। 18 मार्च 2023 की शाम मूसलाधार बारिश के कारण चारों तरफ पानी भर गया। जिससे पानी की निकासी ठप हो गई और बाढ़ जैसे हालात हो गए। इससे वादी के परिसर में पानी भर जाने से गोदाम में रखा कॉटन यार्न और कारपेट मटेरियल पानी में डूब गया। जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ।
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बीमा कंपनी को उन्होंने 20 मार्च 2023 को लिखित सूचना दी और क्षति की आकलन का निरीक्षण करने का आग्रह किया, लेकिन बीमा कंपनी ने बीमा क्लेम का भुगतान नहीं किया। जिसके बाद आयोग में इसकी शिकायत दर्ज करायी गयी। आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुना। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे और सदस्य विजय बहादुर सिंह की पीठ ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी पर पीड़ित की सेवा में कमी के कारण 30 हजार का जुर्माना लगाया।
वहीं दो माह के अंदर 3,95,822 रुपए छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देने का निर्देश दिया। चेताया कि आदेश का अनुपालन निर्धारित समय अवधि में नहीं किया जाता है तो समस्त धनराशि पर निर्णय और आदेश की तिथि से वास्तविक भुगतान की तिथि तक नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देना होगा।