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Bhadohi News: जिला अस्पताल में कान-गले के मरीजों की बढ़ी संख्या, रोज आ रहे 100 मीज
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ज्ञानपुर। दो से ढाई लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने वाला महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में करीब एक साल से ईएनटी के डॉक्टर नहीं है। इन दिनों अस्पताल में कान में संक्रमण के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बुखार के बाद कान और गले के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। बीमारी में बच्चे और बुजुर्ग दोनों शामिल है। 100 के करीब इनकी ओपीडी होती है।
जिला अस्पताल में रोजाना 700 से 800 की ओपीडी होती है। इसमें कान में दर्द, कान में पानी आना, खुजली और सूजन होना आदि 100 के करीब मरीज आते हैं। ग्रसित मरीजों को जांच पड़ताल कर दवा दी जाती है, लेकिन ईएनटी का विशेषज्ञ न होने के कारण मरीजों को उपचार कराने में दिक्कतें होती हैं। मजबूरी में उन्हें अन्य डॉक्टरों को दिखाना पड़ता है। एक साल पहले ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. दिप्ती पांडेय की जिला अस्पताल में तैनाती हुई थी। कुछ महीनें बाद ही उनका ट्रांसफर भदोही एमबीएस हो गया है। इसके बाद वह वहां चले गए, इसके बाद से अस्पताल में ईएनटी के पद खाली है। नाक, कान, गला के मरीजों को मुसीबत बढ़ गई है। तेज धूप से आकर ठंडा पानी पीना और आईसक्रीम खाना सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। सर्दी और जुकाम से ग्रसित होने के बाद लोगों के गले और कान में संक्रमण बढ़ गया है। जिला अस्पताल की ओपीडी में कान, नाक और गला के करीब 100 मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों को चिकित्सीय परामर्श के साथ दवाई भी दी जाती हैं। फिजिशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि बच्चों के कान से पानी आना, खुजली होने के साथ बुजुर्गों में फंगल इंफेक्शन से कान में दर्द में दर्द के मामले आ रहे हैं। मरीज सूरज गुप्ता, धीरज गौंड, शिव पूजन मिश्र ने बताया कि भदोही एमबीएस के ईएनटी विशेषज्ञ को सप्ताह में तीन के लिए अस्पताल में संबद्ध किया जाए।
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जिला अस्पताल में रोजाना 700 से 800 की ओपीडी होती है। इसमें कान में दर्द, कान में पानी आना, खुजली और सूजन होना आदि 100 के करीब मरीज आते हैं। ग्रसित मरीजों को जांच पड़ताल कर दवा दी जाती है, लेकिन ईएनटी का विशेषज्ञ न होने के कारण मरीजों को उपचार कराने में दिक्कतें होती हैं। मजबूरी में उन्हें अन्य डॉक्टरों को दिखाना पड़ता है। एक साल पहले ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. दिप्ती पांडेय की जिला अस्पताल में तैनाती हुई थी। कुछ महीनें बाद ही उनका ट्रांसफर भदोही एमबीएस हो गया है। इसके बाद वह वहां चले गए, इसके बाद से अस्पताल में ईएनटी के पद खाली है। नाक, कान, गला के मरीजों को मुसीबत बढ़ गई है। तेज धूप से आकर ठंडा पानी पीना और आईसक्रीम खाना सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। सर्दी और जुकाम से ग्रसित होने के बाद लोगों के गले और कान में संक्रमण बढ़ गया है। जिला अस्पताल की ओपीडी में कान, नाक और गला के करीब 100 मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों को चिकित्सीय परामर्श के साथ दवाई भी दी जाती हैं। फिजिशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि बच्चों के कान से पानी आना, खुजली होने के साथ बुजुर्गों में फंगल इंफेक्शन से कान में दर्द में दर्द के मामले आ रहे हैं। मरीज सूरज गुप्ता, धीरज गौंड, शिव पूजन मिश्र ने बताया कि भदोही एमबीएस के ईएनटी विशेषज्ञ को सप्ताह में तीन के लिए अस्पताल में संबद्ध किया जाए।
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