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आईजी ने निर्माणाधीन अस्पताल से जुड़े अभिलेख तलब किए

Wed, 08 Jul 2020 11:09 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2020 11:09 PM IST
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IG summoned records related to hospital under construction
ज्ञानपुर। सरपतहां में निर्माणाधीन सौ शैया अस्पताल के ठेकेदारों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। एसआईटी जांच में आईजी रेंज वाराणसी विजय सिंह मीणा ने स्वास्थ्य विभाग से कई बिंदुओं की जानकारी मांगी है। आठ करोड़ 33 लाख की घपलेबाजी की विवेचना पर भी सवाल उठाते हुए केस से जुड़े कई अभिलेख तलब किया है।
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स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने के लिए वर्ष 2008 में बसपा सरकार के दौरान जिला मुख्यालय के सामने 14 करोड़ की लागत से सौ बेड का अस्पताल बनाने की स्वीकृति मिली थी। कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम नामित हुई। अस्पताल निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था ने करीब छह से सात ठेकेदार बदले, लेकिन 11 साल बाद भी अस्पताल हैंडओवर नहीं हो सका। 2015 में तत्कालीन जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने निर्माणाधीन अस्पताल की जांच कराई। उस दौरान करीब आठ करोड़ 33 लाख की घपलेबाजी सामने आई। तब कार्यदायी संस्था के तत्कालीन परियोजना प्रबंधक गिरजाशंकर दीक्षित सहित कई ठेकेदारों पर एफआईआर दर्ज की गई।
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परियोजना प्रबंधक को जेल भी जाना पड़ा। 14 करोड़ की लागत वाले अस्पताल पर अब तक 18 करोड़ से अधिक की रकम खर्च हो चुकी है, लेकिन अस्पताल अब तक आम जन के लिए नहीं चालू हो सका। करीब 90 फीसदी तक काम पूर्ण हो चुका है, लेकिन घपलेबाजी को लेकर अस्पताल हैंडओवर नहीं हो पाया। करीब एक साल पूर्व विशेष सचिव स्वास्थ्य विभाग की संस्तुति पर गृह विभाग ने जांच के लिए एसआईटी को जिम्मेदारी सौंप दी है। जांच में स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की ओर से जो अभिलेख सौंपे गए हैं, उनमें भी घालमेल है। आईजी ने विवेचना को सतही बताते हुए काम करने वाले ठेकेदारों को जारी धन, पूर्ण एवं अपूर्ण कार्यों का लेखाजोखा मांगा है। प्रकरण में एक ब्लॉक प्रमुख का भी नाम शामिल है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मी सिंह ने जिन बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई थी, वे कार्यदायी संस्था से जुड़े थे। पुलिस विभाग को जवाब लिखकर दे दिया गया है।
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