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कहीं जगह का अभाव तो अधिकांश केंद्रों पर बोरे का संकट, किसान परेशान

Thu, 16 Dec 2021 12:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 16 Dec 2021 12:42 AM IST
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If there is a lack of space, there is a crisis of sacks in most of the centers, farmers are upset
जिले में धान खरीद शुरू हुए डेढ़ महीने बीत गए, लेकिन अब तक खरीद की गति सुस्त ही है। 46 केंद्रों पर धान बेचने के लिए साढ़े 11 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया है, लेकिन खरीद हुई है महज 2640 किसानों से। परिणामस्वरूप खरीद लक्ष्य एक लाख 27 हजार 900 एमटी की तुलना में अब तक 12 फीसदी यानी 15906.20 एमटी धान की खरीद ही हो पाई है। खरीद की गति सुस्त होने के पीछे कई कारण बजाए जा रहे हैं। कहीं क्रय केंद्रों पर बोरे का अभाव है तो कहीं खरीद के बाद धान रखने के लिए जगह नहीं है। यह स्थिति इसलिए पैदा हुई है, क्योंकि उठान की रफ्तार सुस्त है।
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केंद्रों से अभी महज पचास फीसदी धान की ही उठान हो सकी है। बुधवार को जिले के कुछ क्रय केंद्रों की पड़ताल की गई तो पता चला कि खरीद सुस्त होने से किसानों को परेशानी हो रही है। कहीं किसान इंतजार कर रहे हैं तो कहीं औने-पौने दामों पर खुले बाजार में बेचने के लिए विवश हो रहे हैं। अभोली ब्लॉक के गौरा क्रय केंद्र पर 3,366 क्विंटल धान की खरीद हुई है, जबकि लक्ष्य पचास हजार क्विंटल का है। यहां किसान अपने ही बोरे में भरकर धान लाते हैं। यहां एक हजार क्विंटल से ज्यादा धान उठान के लिए बाकी है। राजकीय धान खरीद केंद्र जंगीगंज पर 80 हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य है, लेकिन 375 किसानों से महज 22 हजार क्विंटल की खरीद हुई है। केंद्र पर प्राप्त लगभग 75 हजार नये बोरे सिर्फ चावल भरने के लिए हैं। किसान अपने उत्पादन को निजी खर्च के बोरे में लाने केे लिए विवश हैं। यही हाल सुरियावां के क्रय केंद्र का भी है। यहां भी करीब 900 क्विंटल धान पड़ा है। एक दो दिन में उठान नहीं हुआ तो दिक्कत होगी। सचिव शिव शंकर यादव व सहयोगी बजरंग बली उपाध्याय ने बताया कि बोरों की कमी है। किसानों का बोरा सहमति से लिया जा रहा है और बोरा आने पर वापस कर दिया जाएगा। समधा विपणन केंद्र पर अब तक 303 किसानों से 16 एमटी धान की खरीद की गई है। बोरा पर्याप्त मात्रा में मौजूद है। धान रखने के लिए कवर्ड एरिया नहीं है। खुले में धान रखा जाता है। मौसम खराब होने पर उसे पॉलीथिन से ढक दिया जाता है। राजकीय धान क्रय केंद्र शेरपुरगोपलहा में एक भी क्विंटल धान का उठान नहीं हो सका है। गोदाम की क्षमता फुल हो चुकी है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह का कहना है कि बोरे की थोड़ी समस्या है। इस संबंध मेें अधिकारियों से बात हुई है। एक-दो दिन में ही समस्या दूर हो जाएगी। बाकी 50 फीसदी धान का उठान हो चुका है। शेष धान का भी जल्द ही उठान हो जाएगा। खरीद की गति बढ़ाने के लिए केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं।
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