ज्ञानपुर। कालीन नगरी में कोरोना टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करने के लिए स्वर्गवासी लोगों को भी वैक्सीन लगा दी जा रही है। यह फर्जीवाड़ा है या लापरवाही इसका पता तो नहीं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग सवालों में घिर गया है। कई लोगों को बिना टीका लगे ही टीका लगने का मैसेज आ रहा है। प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया जा रहा है।लक्ष्य हासिल करने के नाम पर स्वास्थ्य विभाग में कुछ अजब-गजब देखने को मिल रहा है। जो लोग स्वर्ग सिधार चुके हैं उनके परिजनों के पास मैसेज आ रहे हैं कि टीका सफलता पूर्वक लग गया है, वैक्सीनेशन में सहयोग के लिए धन्यवाद। ताजा मामला गोपीगंज के गोपपुर निवासी एक महिला का है। जिसका निधन छह माह पूर्व हो चुका है, लेकिन दो दिसंबर को दूसरी डोज लगने का मैसेज आया। मैसेज पढ़कर परिजन परेशान और हैरान है। मृतक के बेटे संदीप कुमार गुप्ता ने बताया उसकी मां राजकुमारी देवी पत्नी मिश्री लाल गुप्ता का निधन छह माह पूर्व हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग इतना बड़ा मजाक कैसे कर सकता है। इसी गांव की मुन्नी देवी पत्नी ब्रम्हदिन तिवारी के पास भी फर्जी मैसेज पहुचा है। मालूम हो कि कोरोना की तीसरी लहर और अब नए वेरियंट ओमिक्रॉन को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। जिले में बीते वर्ष मकर संक्राति के बाद से ही टीकाकरण अभियान चल रहा है। स्वास्थ्यकर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर, बीमार, 45 वर्ष से ऊपर और उसके बाद 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना से बचाव की पहली और दूसरी डोज लगाई जा रही है। शुरूआत में कुछ केंद्रों पर ही वैक्सीन लगी, लेकिन अब 100 से 150 केंद्रों पर शिविर लगाकर वैक्सीन लगाई जा रही है। 11 लाख 73 हजार लक्ष्य के मुकाबले अब तक करीब 8.52 लाख लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। जबकि चार लाख 28 को दूसरी डोज लगी है। ऐसा ही मजाक भदोही के पिपरी गांव के राजकुमार के साथ महीनों पहले हुआ था। वह सेंटर पर गए, पर भीड़ का आलम देख लौट गए कि बाद में लगवाएंगे। शाम को मोबाइल पर मैसेज आया कि आपको कोरोना का टीका लग गया है। कोरोना को हराने में हमारा सहयोग करने के लिए धन्यवाद। सीएमओ डॉ. संतोष चक ने बताया कि कोरोना की दूसरी डोज न लेने वालों को मैसेज जा रहा है। पूर्व में वैक्सीनेशन के समय एक ही मोबाइल नंबर कई लोग पंजीकृत कराते थे। तकनीकी खामियों से ऐसा मैसेज जाता है। जिसकी जांच कराई जाएगी।