{"_id":"5f52194b8ebc3e532a4cb73d","slug":"health-teams-will-detect-symptoms-of-kovid-19-bhadohi-news-vns545192334","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोविड-19 के लक्षणों का पता लगाएंगी स्वास्थ्य टीमें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोविड-19 के लक्षणों का पता लगाएंगी स्वास्थ्य टीमें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर। जिले में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने माइक्रो प्लान तैयार किया है। इसके लिए 1192 टीमों का गठन किया गया है। टीमों ने जिला की 1215 गांवों में कोरोना संक्रमण की जांच भी शुरू कर दिया है। टीमें जांच करने के साथ ही कोरोना के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए जनता को जागरूक भी करेंगी। जांच के दौरान जिन लोगों में कोरोना के लक्षण मिलेंगे उन्हें आइसोलेशन में रखा जा रहा है।
कालीन नगरी में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। जिले में अब तक 1150 से अधिक संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। सामुदायिक संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को गांवों में लक्षणों की पहचान करने के लिए लगाया गया है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक रोली श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना के लक्षणों की पहचान के लिए जिले में 1215 गांवों में तैनात आशा और आशा संगिनियों की टीम घर-घर जाकर सभी सदस्यों में बीमारी को लक्षणों का पता लगा रही हैं। इस दौरान यदि किसी में संक्रमण के लक्षण मिलते हैं, तो उन्हें आगे क्या करना चाहिए, इसकी भी सलाह लोगों को दी जा रही है।
डीपीएम अरविंद कुमार ने बताया कि कोविड-19 से उन मरीजों को सबसे ज्यादा खतरा है जो पहले से किसी न किसी गंभीर बीमारी जैसे शुगर, ब्लड प्रेशर, गुर्दा एवं कैंसर रोग से पीड़ित हैं। ऐसे मरीजों की पहचान कर उनके जीवन को सुरक्षित करने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की प्रशिक्षित टीमों को घर-घर सर्वे के कार्य में लगाया गया है। ये टीमें ऐसे मरीजों को भी चिह्नित करेंगी, जिनको सर्दी, खांसी, बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा कुछ शर्तों के साथ कोरोना संक्रमित मरीज होम आइसोलेशन यानि अपने घर पर ही कुछ जरूरी दवाओं, जांचों और सावधानियों के साथ रखा जा रहा हैं। इसके लिए जिले की आशाओं और आशा संगिनियों की देखरेख में उनके स्वास्थ्य की निगरानी रखी जा रही है। सीएचसी गापीगंज में तैनात आशा संगिनी राधिका का कहना है कि कोरोना संक्रमण एक गंभीर मामला है। फिलहाल हमारे पास इस बीमारी से बचाव का एकमात्र रास्ता है सावधानी।
विज्ञापन
सीएमओ लक्ष्मी सिंह ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए पोलियो की तरह एक टीम में दो आशा और एक आशा संगिनी एवं 14 टीम पर एक सुपरवाइजर को रखा गया है। टीम के सभी सदस्यों को बीमारी का लक्षण पता लगाने के लिए प्रशिक्षित पर किया जा चुका है। 1192 टीम माइकोप्लान के तहत घर-घर जाकर सर्वे करने का काम करेगी।
विज्ञापन
कालीन नगरी में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। जिले में अब तक 1150 से अधिक संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। सामुदायिक संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को गांवों में लक्षणों की पहचान करने के लिए लगाया गया है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक रोली श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना के लक्षणों की पहचान के लिए जिले में 1215 गांवों में तैनात आशा और आशा संगिनियों की टीम घर-घर जाकर सभी सदस्यों में बीमारी को लक्षणों का पता लगा रही हैं। इस दौरान यदि किसी में संक्रमण के लक्षण मिलते हैं, तो उन्हें आगे क्या करना चाहिए, इसकी भी सलाह लोगों को दी जा रही है।
विज्ञापन
डीपीएम अरविंद कुमार ने बताया कि कोविड-19 से उन मरीजों को सबसे ज्यादा खतरा है जो पहले से किसी न किसी गंभीर बीमारी जैसे शुगर, ब्लड प्रेशर, गुर्दा एवं कैंसर रोग से पीड़ित हैं। ऐसे मरीजों की पहचान कर उनके जीवन को सुरक्षित करने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की प्रशिक्षित टीमों को घर-घर सर्वे के कार्य में लगाया गया है। ये टीमें ऐसे मरीजों को भी चिह्नित करेंगी, जिनको सर्दी, खांसी, बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा कुछ शर्तों के साथ कोरोना संक्रमित मरीज होम आइसोलेशन यानि अपने घर पर ही कुछ जरूरी दवाओं, जांचों और सावधानियों के साथ रखा जा रहा हैं। इसके लिए जिले की आशाओं और आशा संगिनियों की देखरेख में उनके स्वास्थ्य की निगरानी रखी जा रही है। सीएचसी गापीगंज में तैनात आशा संगिनी राधिका का कहना है कि कोरोना संक्रमण एक गंभीर मामला है। फिलहाल हमारे पास इस बीमारी से बचाव का एकमात्र रास्ता है सावधानी।
विज्ञापन
सीएमओ लक्ष्मी सिंह ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए पोलियो की तरह एक टीम में दो आशा और एक आशा संगिनी एवं 14 टीम पर एक सुपरवाइजर को रखा गया है। टीम के सभी सदस्यों को बीमारी का लक्षण पता लगाने के लिए प्रशिक्षित पर किया जा चुका है। 1192 टीम माइकोप्लान के तहत घर-घर जाकर सर्वे करने का काम करेगी।