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बुक्स आफ रिकार्ड से गणेश सम्मानित

Sat, 04 Jan 2020 11:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jan 2020 11:39 PM IST
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Has donated blood 61 times at the age of 32
32 साल की उम्र में 61 बार कर चुके रक्तदान
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फोटो:
बुक्स ऑफ रिकार्ड से सम्मानित किए जा चुके हैं गणेश
रक्तदान का शतक पूरा करना चाहता है यह महादानी
संवाद न्यूज एजेंसी
अभोली। रक्तदान के नाम से जहां अधिकतर लोग आशंकित हो जाते हैं, वहीं क्षेत्र के ख्योंखर गांव निवासी गणेश तिवारी 32 साल की उम्र में 61 बार रक्तदान कर लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। रक्तदान के प्रति उनके संकल्प को लेकर सरकार ने उन्हें बुक्स ऑफ रिकार्ड से सम्मानित किया है। उनकी इच्छा सौ से अधिक बार रक्तदान करने की है।
सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं की तरफ से रक्तदान को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। विशेष आयोजनों में रक्तदान भी किया जाता है, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में लोग तमाम भ्रांतियों के चलते रक्तदान करने से कतराते हैं। हालांकि कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो समय-समय पर रक्तदान जैसा महादान करने से नहीं चूकते। उन्हीं में शामिल हैं ख्योंखर गांव के गणेश तिवारी। 32 साल तक की उम्र तक उन्होंने 61 बार रक्तदान कर दिया है। डब्ल्यूएचओ के मानकों के अनुसार कोई भी व्यक्ति स्वस्थ रहते हुए 65 साल तक रक्तदान कर सकता है। गणेश ने बताया कि उन्होंने पहली बार एक दिसंबर 2006 को इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के शिविर में रक्तदान किया। उस समय उनकी उम्र 18 साल थी। उसके बाद वह हर चौथे महीने में रक्तदान कर लोगों के जीवन को बचाने का प्रयास करते हैं। इसके लिए कई बार उन्हें स्वयंसेवी संस्थाओं और संगठनों की ओर से सम्मानित भी किया जा चुका है। दो दिन पूर्व केंद्र सरकार की ओर से रक्तदान के लिए बुक्स ऑफ रिकार्ड से सम्मानित किया गया। गणेश ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि वह 100 बार रक्तदान का रिकार्ड बनाना चाहते हैं। उसके बाद भी शरीर साथ देगा तो 65 साल तक रक्तदान करेंगे।
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कई बार सम्मानित किए गए गणेश
61 बार रक्तदान कर चुके गणेश को कई बार सम्मानित किया जा चुका है। इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन की ओर से सितंबर 2015, अगस्त 2016, सितंबर 2017, अक्तूबर 2018 में सम्मान देकर हौसला बढ़ाया गया। तेज बहादुर सप्रू पुरस्कार से जुलाई 2018 और सितंबर 2019 में नवाजा गया। अक्तूबर 2019 में भारत सरकार बुक्स ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज किया गया।
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