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डेढ़ हजार इंदिरा आवास हैं अधूरे

Sat, 22 Apr 2017 01:18 AM IST
भदोही।
भदोही। Updated Sat, 22 Apr 2017 01:18 AM IST
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Half of Indira's houses are incomplete
house - फोटो : amarujala
गरीब परिवारों को छत मुहैया कराने के लिए शुरू की गईं आवास योजनाओं का हाल जिले में ठीक नहीं है। बेहतर निगरानी न होने और भ्रष्टाचार में जकड़ी व्यवस्था के चलते योजनाओं में हर पायदान पर समस्याओं का बोलबाला है। करीब एक दशक में कांग्रेस की इंदिरा आवास योजना में ढाई हजार आवास औराई ब्लॉक में आवंटित हुए, लेकिन एक हजार ही पूर्ण हो सके। 186 लोहिया आवास में करीब 40 लाभार्थियों का आवास दूसरी किस्त के चक्कर में अटक गया है।
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गरीबों को छत मुहैया हो सके, इसके लिए सरकारों ने योजनाएं चलाईं। कांग्रेस में इंदिरा आवास, सपा में लोहिया आवास, बसपा में मान्यवर कांशीराम आवास और भाजपा ने प्रधानमंत्री आवास योजनाएं हैं।  ग्राम पंचायत से लेकर उच्चाधिकारियों तक फाइलों को आगे बढ़ाने में आवासों का बजट ही कम हो जाता है। इसके चलते कई आवासों का निर्माण आज तक नहीं हो सका। 
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कांग्रेस सरकार की महत्वाकांक्षी इंदिरा आवास योजना के तहत औराई ब्लॉक में 1999 से लेकर 2012 तक करीब 2508 आवास आवंटित हुए। समय गुजरने के साथ ही आवासों की  लागत भी बढ़ती गई। 1999 में आवास के लिए जहां 10 हजार मिल रहा था, वहीं 2011-12 तक यह करीब 70 हजार तक पहुंच गया। हालांकि इन आवासों में बिजली, पानी जैसी कोई दूसरी व्यवस्था देने का प्रावधान नहीं था।
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2012- 13 से 2016-17 तक सपा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना लोहिया आवास के तहत 186 आवास आवंटित किया गया। करीब दो लाख 75 हजार की लागत से बनने वाले लोहिया आवास भी कमीशनखोरी से नहीं बच सके। हालांकि शासन की सख्ती के चलते ज्यादातर आवास बन गए। करीब 40 आवासों का निर्माण दूसरी किस्त न मिलने से पूरी नहीं हो सका। 2017-18 में 182 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए।


लाभार्थियों का चयन कर उन्हें आवंटित कर दिया गया। एक लाख 20 हजार तीन किस्तों में लाभार्थियों को दिया जाना है। आवास आवंटन में लाभार्थियों का चयन भी सेक्रेटरी और ग्राम प्रधान की मेहरबानी से तय होता है। कई ऐसे लोगों को आवास मिल जाता है, जो वास्तव में पात्र नहीं होते जबकि कई ऐसे लोग पात्र होते हुए भी वंचित रह जाते हैं।       

 
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