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‘गुलाबी’ हथिनी का हुलिया देखकर तय हो सकता है संरक्षक

Mon, 30 May 2022 12:24 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 30 May 2022 12:24 AM IST
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Guardian can be decided by looking at the appearance of the 'pink' elephant
जिले के बलभद्रपुर गांव से बीते दिनों वन विभाग द्वारा कब्जे में ली गई गुलाबी नाम की हथिनी को लेकर अभी तक निर्णय नहीं हो सका है। उसी गांव के एक व्यक्ति ने दावा किया है कि वन विभाग ने जिस हथिनी को कब्जे में लिया है, वह उसकी है, जबकि विभाग का दावा है कि कब्जे में ली गई हथिनी उक्त व्यक्ति की नहीं, बल्कि दूसरे की है, जो बगैर लाइसेंस के ही रखा था। उसे भी गिरफ्तार किया गया था। ऐसे में यह मामला अब न्यायालय चला गया है। सोमवार को इस पर निर्णय होने की की उम्मीद जतायी जा रही है। हाथी के जानकार लोगों का कहना है कि हथिनी का हुलिया देखकर और मेडिकल आधार पर उसके वारिस तय हो सकते हैं।
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वन विभाग के अनुसार कुछ लोगों ने शिकायत की थी बलभद्रपुर में बिना लाइसेंस के एक हाथी है। एक व्यक्ति उसे अवैध तरीके से पाला हुआ है। उसी आधार पर अधिकारियों के निर्देश पर रेंजर रिचेश मिश्रा की टीम ने 24 मई को बलभद्रपुर से हथिनी को बरामद कर लिया। तब से हथिनी वन विभाग के रेंज कार्यालय परिसर में ही पीपल के पत्ते के सहारे रह रही है। रेंजर के मुताबिक हथिनी के कान में लगने वाले लाइसेंस का चीप नहीं है। ऐसे में अब न्यायालय से ही फैसला होगा कि हथिनी किसकी है। उधर, हाथी के जानकार बताते हैं कि ऐसे मामलों में उसके हुलिया को देखकर ही कुछ कहा जा सकता है। आमतौर पर नर हाथी में 20 और मादा में 18 नाखून होते हैं। हाथियों में 100 में से दो-चार की ही दोनों आंखें ठीक होती हैं। उनको पूंछ, रंग, लंबाई, उम्र आदि के आधार पर भी पहचाना जा सकता है। उधर, हाथियों को प्रतिदिन कम से कम दस किलो गेहूं या धान खिलाया जाना चाहिए। उसे गन्ना, चरी आदि खिलाई जाती है। साथ ही कम से कम दस किमी प्रतिदिन टहलाना होता है, लेकिन गुलाबी जब से वन विभाग के रेंज कार्यालय में आई है, तब से न तो उसको पर्याप्त चारा मिल रहा है और न ही टहलाने का मौका मिल रहा है। एक पीपल के पेड़ के नीचे उसे बांधा गया है। रेंजर बताते हैं कि हाथी का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। उसे प्रतिदिन नहलाया जाता है। उसके चारे का इंतजाम किया गया है। अभी एक दिन पहले ही दस दर्जन केला खिलाया गया था। हाथी को देखने के लिए आने वाले जानकार और अपनी हथिनी होने का दावा करने वाले का कहना है कि यदि ज्यादा दिन तक हथिनी इसी तरह एक ही स्थान पर बंधी रही तो उसका स्वास्थ्य गिर सकता है।
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