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गजब: सरकारी नौकरी वाले भी बन गए गरीब
bhadohi hindi news
Updated Mon, 27 Jun 2016 01:21 AM IST
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गरीबों को भोजन की सुरक्षा के लिए बनाए गए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून योजना भी धांधली की भेंट चढ़ गया है। सरकारी नौकरी वाले भी गरीब बन गए हैं। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य और सेना के जवानों का भी पात्र गृहस्थी कार्ड बनाया गया है। डीघ के कूड़ी खुर्द गांव में ऐसा मामला सामने आया है। यह इकलौता गांव नहीं है। डीघ, बहपुरा समेत जनपद के ज्यादातर गावों में कमोबेश यही स्थिति है।
गरीबों तक सस्ते दर पर अनाज, केरोसिन और चीनी पहुंचाने के लिए सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लागू किया है। इसके लि पात्रों को गृहस्थ्ाी कार्ड बनवाने का कार्य शुरू किया गया थ्ाा, लेकिन यह योजना अधिकारियों की लापरवाही की वजह से अनियमितता की भेंट चढ़ रही है। पूर्व में अंत्योदय, बीपीएल और एपीएल कार्ड बनाए गए थे लेकिन एनएफएसए लागू होने के बाद अंत्योदय को छोड़कर बीपीएल और एपीएल को एक साथ मिलाकर पात्र गृहस्थी कार्ड कर दिया गया है।
आंकड़ो पर गौर किया जाए तो करीब तीन लाख कार्ड जिले में बनाए गए हैं। जिले में अफसरों की मिलीभगत से कोटेदारों ने मनमानी ढंग से पात्र गृहस्थी कार्ड बना दिया है। मार्च में योजना के तहत अनाज वितरण शुरू हुआ तो धांधली खुलकर सामने आने लगी।
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जिलाधिकारी ने पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की टीम लगाकर जांच कराई तो अपात्रों का नाम सामने आने लगा। सबसे मजे की बात यह है कि पेंशनधारी, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, एसएसबी, पुलिस समेत अन्य सरकारी सेवा में नौकरी करने वाले लोगों का भी पात्र गृहस्थी कार्ड बना दिया गया है। सबसे मजे की बात है कि आंख मूंदकर जांच करने वाले पर्यवेक्षणीय अधिकारी भी खामियों को पकड़ नहीं सके।
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गरीबों तक सस्ते दर पर अनाज, केरोसिन और चीनी पहुंचाने के लिए सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लागू किया है। इसके लि पात्रों को गृहस्थ्ाी कार्ड बनवाने का कार्य शुरू किया गया थ्ाा, लेकिन यह योजना अधिकारियों की लापरवाही की वजह से अनियमितता की भेंट चढ़ रही है। पूर्व में अंत्योदय, बीपीएल और एपीएल कार्ड बनाए गए थे लेकिन एनएफएसए लागू होने के बाद अंत्योदय को छोड़कर बीपीएल और एपीएल को एक साथ मिलाकर पात्र गृहस्थी कार्ड कर दिया गया है।
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आंकड़ो पर गौर किया जाए तो करीब तीन लाख कार्ड जिले में बनाए गए हैं। जिले में अफसरों की मिलीभगत से कोटेदारों ने मनमानी ढंग से पात्र गृहस्थी कार्ड बना दिया है। मार्च में योजना के तहत अनाज वितरण शुरू हुआ तो धांधली खुलकर सामने आने लगी।
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जिलाधिकारी ने पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की टीम लगाकर जांच कराई तो अपात्रों का नाम सामने आने लगा। सबसे मजे की बात यह है कि पेंशनधारी, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, एसएसबी, पुलिस समेत अन्य सरकारी सेवा में नौकरी करने वाले लोगों का भी पात्र गृहस्थी कार्ड बना दिया गया है। सबसे मजे की बात है कि आंख मूंदकर जांच करने वाले पर्यवेक्षणीय अधिकारी भी खामियों को पकड़ नहीं सके।