ज्ञानपुर। अखिल भारत वर्षीय गोंड महासभा की ओर से रविवार को तहसील ज्ञानपुर में बलिदान दिवस मनाया गया। इसमें हक-अधिकार के लिए राज्यपाल को संबोधित 10 सूत्रीय मांगपत्र एसडीएम सदर को सौंपा। मुख्य अतिथि वीरबहादुर मरकाम ने कहा कि गोंडवाना साम्राज्य के शासक शंकर शाह, कुंवर रघुनाथ शाह ने 1857 की क्रांति में आजादी का बिगुल फूंककर जो योगदान दिया उसे कभी नहीं भुलाया जा सकता। ऐसे अमर शहीदों के प्रति समाज की ओर से अर्पित श्रद्धासुमन सबसे बड़ी ताकत होगी। विशिष्ट अतिथि रंगलाल गोंड ने आजादी की क्रांति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह शासक होते हुए भी अंग्रेज हुकूमत से मोर्चा लेकर देश को आजाद कराया। इनके विचारों को आत्मसात करना समाज के लिए गौरव का पल होगा। चिंता की बात यह है कि शासन-प्रशासन प्रदेश के मूल निवासियों को भूल कर ऐसी नीतियों का पालन करवाया जा रहा है जो महंगाई, भ्रष्टाचार, अपराध तक सीमित हो चुका है। अमर शहीदों की धरती पर उन्हीं का समाज हक और अधिकार से वंचित है। हक की आवाज उठाने पर जिम्मेदार अंग्रेज हुकूमत की याद ताजा कराने में कमी नहीं छोड़ रहे हैं जिसे समाज सहन नहीं कर सकता। जिलाध्यक्ष महेंद्र कुमार गोंड, अनिल गोंड के साथ कार्यकर्ताओं अमर शहीदों के चित्र पर चावल और हल्दी का टीका लगाकर सरकार से गोंड समुदाय के इतिहास से सबक लेने का आह्वान किया। इस मौके पर राजू गोंड, हरिनाथ गोंड, हंसराज गोंड, जावेत्री गोंड, बलदेव प्रसाद, सुरेश गोंड, रोहित गोंड, विजय प्रकाश, कैलाशनाथ गोंड आदि रहे।