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परमात्मा को हृदय में धारण करना ही धर्म
Updated Sun, 31 Jan 2016 02:23 AM IST
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जो दुखों का कारण है, मनुष्य सारे दुखों से छुटकारा पाने के लिए परमात्मा का ध्यान करे। मन को एकाग्र करे और राम नाम जप करे। वे शनिवार को प्रयाग जाते समय नगर स्थित कृष्ण कुमार के अहाते में भक्तों को संबोधित कर रहे थे।
मनुष्य जीवन में परमात्मा की प्राप्ति महापुरुषों की शरण में रहकर की जा सकती है, न कि पाखंडियों से। उन्होंने धर्म के नाम पर बरगलाने वालों को आड़े हाथ लिया। कहा कि ऐसे लोग अपना उल्लू सीधा करने के लिए मानव को भ्रमित कर रहे हैं। ऐसे लोग गलत कार्य के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने कहा कि मानव को परमात्मा का बोध कराने वाली धर्मशास्त्र गीता है। अध्ययन के साथ चिंतन भी करें, गीता के बताए रास्ते को अपनाएं। बद्री बाबा, सोहन बाबा, राजेश बाबा, बिल्लू बाबा, मोनी बाबा, साधू बाबा, बबलू बाबा के अलावा श्याम नारायण आदि रहे।
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मनुष्य जीवन में परमात्मा की प्राप्ति महापुरुषों की शरण में रहकर की जा सकती है, न कि पाखंडियों से। उन्होंने धर्म के नाम पर बरगलाने वालों को आड़े हाथ लिया। कहा कि ऐसे लोग अपना उल्लू सीधा करने के लिए मानव को भ्रमित कर रहे हैं। ऐसे लोग गलत कार्य के लिए प्रेरित करते हैं।
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उन्होंने कहा कि मानव को परमात्मा का बोध कराने वाली धर्मशास्त्र गीता है। अध्ययन के साथ चिंतन भी करें, गीता के बताए रास्ते को अपनाएं। बद्री बाबा, सोहन बाबा, राजेश बाबा, बिल्लू बाबा, मोनी बाबा, साधू बाबा, बबलू बाबा के अलावा श्याम नारायण आदि रहे।
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