नईबाजार। काली माता मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय कथा में रविवार की शाम कथा व्यास पूज्य संत माता कृष्णा ने आध्यात्मिक संदेश देते हुए जीवन के गूढ़ रहस्यों को सरल शब्दों में समझाया। कहा कि जहां लोभ, लालच, ईर्ष्या और द्वेष होता है, वहां ईश्वर की प्राप्ति संभव नहीं होती। उन्होंने कहा कि मनुष्य का सुख और दुख दोनों ही उसके मन पर निर्भर करते हैं। यदि मन शुद्ध और शांत है तो जीवन में सुख की अनुभूति होती है, जबकि अशांत मन दुख का कारण बनता है। कहा कि जो व्यक्ति संसार के बंधनों से मुक्त है। वही सच्चा संत है। जो स्वयं ही मोह और बंधन में जकड़ा है। वह दूसरों को मुक्ति का मार्ग नहीं दिखा सकता। जब मनुष्य अपनी इच्छाओं और कामनाओं पर नियंत्रण कर लेता है, तभी वह वास्तविक स्वतंत्रता का अनुभव कर पाता है। बताया कि जिस तरह से जैसे विवाह के समय जब किसी को हल्दी या मेहंदी लग जाती है तो उसे अकेला नहीं छोड़ा जाता, उसी प्रकार जिस व्यक्ति को भगवान की भक्ति की हल्दी और सत्संग की मेहंदी लग जाती है, उसे भगवान भी कभी अकेला नहीं छोड़ते। इस मौके पर विनय उमर वैश्य, नारायण मोदनवाल, धीरेंद्र केसरी, उमेश विश्वकर्मा, विनीत बरनवाल, पंकज जायसवाल, सुभाष मौर्य, अंजलि मौर्या, तरुण कुमार शुक्ल आदि रहे।