UP: नाव में बैठी युवती गंगा में कूदी, बैग से मिला लेटर, लिखा था- मैं भगवान की अमृत संतान हूं; सन्न रह गए लोग
युवती के गंगा में कूदने की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। गोताखोरों की सहायता से युवती की खोजबीन शुरू हो गई थी। युवती साइकिल लेकर नाव पर चढ़ी थी। खबर लिखे जाने तक उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई थी।
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'मेरा माता-पिता कोई नहीं है। परमपिता परमेश्वर मेरे सबकुछ हैं। मै वैराग्य धारण कर चूकी हूं। मेरा इस जिंदगी में कोई काम नहीं है। जिंदगी और मौत सब निश्चित है।' एक कागज पर लिखकर शुक्रवार की दोपहर गोपीगंज के इब्राहिमपुर गंगा घाट पर नाव से एक युवती ने गंगा में छलांग लगा दी।
इससे क्षेत्र में खलबली मच गई। घटना के बाद मौके पर भीड़ जुट गई। पुलिस गोताखोरों की मदद से तलाश में जुट गई। खबर लिखे जाने तक उसका पता नहीं चल सका था।
मिर्जापुर के विंध्याचल थानाक्षेत्र के नवगांव घाट से शुक्रवार को 20 वर्षीय एक युवती इब्राहिमपुर घाट पर आने के लिए नाव पर बैठी। वह साइकिल और एक बैग भी लिए थी। नाविक धनंजय निषाद के मुताबिक, मध्य गंगा में नाव पहुंचने के बाद वह एक सौ का नोट दिया। उसके बाद शब्द लिखे एक कागज को नाव पर छोड़ने के बाद गंगा में छलांग लगा दी।
माैके पर मची चीख-पुकार
इसको लेकर नाव में बैठे लोग सन्न रह गए। नाव में बैठे अन्य लोगों ने शोर भी मचाया, लेकिन मध्य गंगा में किसी की कूदने की हिम्मत नहीं हुई। इब्राहिमपुर घाट पर पहुंचने के बाद लोगों ने पीआरवी और पुलिस को सूचना दी। खबर मिलने पर विंध्याचल थाने के साथ ही गोपीगंज पुलिस मौके पर पहुंची।
स्थानीय गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश कराई, लेकिन पता नहीं चल सका। युवती की साइकिल नाव पर ही मौजूद है। वह कहां से आ रही थी और कहां जाना था, यह स्पष्ट नहीं हो सका। उसका नाम और पता भी किसी को नहीं मालूम है।