ज्ञानपुर। बदलते मौसम के बीच शहर से लेकर गांव तक मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ने लगा है। प्राइवेट अस्पतालों के साथ ही सरकारी में मरीजों की भरमार है। पांच से सात सौ तक की होने वाली ओपीडी अब एक हजार के आंकड़े को पार कर रही है। जिले में इस वर्ष टाइफाइड के 15, कालाजार के एक मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। थोड़ी भी आशंका होने पर चिकित्सक मलेरिया, टाइफाइड की जांच करा रहे हैं। हालांकि अच्छी बात है कि अभी डेंगू का कोई केस सामने नहीं आया है। मच्छर जनित बीमारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। लेकिन बारिश न होने के कारण इस साल मच्छर जनित रोगों के मरीजों की संख्या कम रही है। लेकिन एक कालाजार का मरीज मिलने से विभाग की चिंताएं बढ़ गई हैं। बीते माह डीघ ब्लाक के कौलापुर में एक व्यक्ति कालाजार का मिला। जिसकी जांच बीएचयू में हुई थे। उसके बाद पूरे गांव में दवा का छिड़काव किया गया। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से अब तक कुल 18 हजार की जांच हुई जिसमें से 15 मलेरिया पॉजिटिव मिले। 38 संदिग्ध लोगों में कालाजार की पुष्टि के लिए जांच की गई, लेकिन वहीं एक मरीज केवल मिला। महाराजा चेत सिंह जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन 150 से 200 मरीजों की मलेरिया और 100 मरीजों की टाइडफाइड जांच की जा रही है। वहीं सामान्य बुखार, उल्टी-दस्त आदि के एक हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। बुधवार को 1100 मरीज पहुंचे थे, जबकि बृहस्पतिवार को करीब एक हजार। शुक्रवार को 12 बजे तक ही ओपीडी थी। ऐसे में 315 ओपीडी में और 37 इमरजेंसी में भर्ती किए गए। इस दौरान दौरान लैब में 27 मरीजों का मलेरिया और 29 मरीजों का टाइडफाइड चेक किया गया। जिसमें से चार की टाइडफाइड के रिपोर्ट पॉजिटिव आई। बृहस्पतिवार को 124 की मलेरिया जांच हुई, जिसमें सभी की रिपोर्ट निगेटिव रही। डॉ. रोहित बताते हैं कि चिकित्सालय में वायरल बुखार, डायरिया और बच्चों में निमोनिया की बीमारी अधिक हो रही है। बाकी अन्य बीमारी के मरीज कॉमन हैं। बताया कि इस मौसम में संभव हो तो उबालकर पानी पीएं, मच्छरों से बचाव का उपाय कर लें। बासी भोजन न करें। स्वच्छता पर ध्यान दें।