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Bhadohi News: फाटक बंद, रास्ता विहिन हुए दलित बस्ती के लोग
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ज्ञानपुर। पूर्वोरत्तर रेलवे के माधोसिंह-रामबाग रेल खंड के बसहीं फाटक को बंद कर दिया गया। फाटक बंद होने के बाद से ही रेलवे की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। एक तरफ शुक्रवार को ग्रामीणों ने आंदोलन किया। वहीं दूसरी तरफ दलित बस्ती के लोगों के लिए रास्ता न बनाए जाने को लेकर अब वे भी अड़ गए हैं। बस्ती में आबाद परिवार डीआरएम वाराणसी तक पहुंचने की रणनीति बना रहा है।
माधोसिंह-रामबाग रेलखंड पर निर्माण कार्य होने के कारण कुल 13 फाटक बंद किए जा रहे हैं। इसमें 6 फाटक जिले में भी बंद होने हैं। रेलवे बसहीं फाटक को बंद कर दिया। रेलवे का कहना है कि ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रैक के दोनों तरफ आरसीसी सड़क का निर्माण कराया गया है। हालांकि शुक्रवार को फाटक पर पहुंची महिलाओं ने प्रदर्शन कर नाराजगी जताई थी। अब शनिवार को ट्रैक के सटे अनुसूचित बस्ती के लोग भी बस्ती का मार्ग न बनाए जाने को लेकर नाराजगी व्यक्त की है।
बस्ती की शकुंतला देवी ने बताया कि सात दशक से बस्ती आबाद है और अब परिवारों की संख्या बढ़ती जा रही है। बस्ती के ठीक सामने रेलवे ट्रैक है। जिसे आर-पार करना ठीक नहीं होता है। बसहीं फाटक से ही बस्ती के लोग हाइवे पर पहुंचते थे। जिसके बंद होने से दूरी तो बढ़ी ही है। रास्ता भी नहीं बना है। अब आवागमन बड़ी परेशानी हो रही है।
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चंपा देवी ने बताया कि बस्तीवासियों को सबसे बड़ी दिक्कतें आवागमन को लेकर है। फाटक तक पहुंचने के लिए एकमात्र कच्चा मार्ग पांच दशक से न पक्का हो रहा है न ईंटे बिछवाई जा सकी हैं। गीता देवी ने बताया कि खेतीबारी का कार्य रेल खंड के दक्षिणी छोर पर होता है। फाटक बंद होने से पांच कदम की दूरी अब तीन से चार किमी की दूरी में बदल गया है। बस्ती के लोगों ने बसहीं फाटक के पूर्वी छोर से अनुसूचित बस्ती तक आरसीसी सड़क का निर्माण कराने की मांग की है। इसके लिए बस्ती के परिवार डीआरएम वाराणसी तक पहुंचेंगे।
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माधोसिंह-रामबाग रेलखंड पर निर्माण कार्य होने के कारण कुल 13 फाटक बंद किए जा रहे हैं। इसमें 6 फाटक जिले में भी बंद होने हैं। रेलवे बसहीं फाटक को बंद कर दिया। रेलवे का कहना है कि ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रैक के दोनों तरफ आरसीसी सड़क का निर्माण कराया गया है। हालांकि शुक्रवार को फाटक पर पहुंची महिलाओं ने प्रदर्शन कर नाराजगी जताई थी। अब शनिवार को ट्रैक के सटे अनुसूचित बस्ती के लोग भी बस्ती का मार्ग न बनाए जाने को लेकर नाराजगी व्यक्त की है।
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बस्ती की शकुंतला देवी ने बताया कि सात दशक से बस्ती आबाद है और अब परिवारों की संख्या बढ़ती जा रही है। बस्ती के ठीक सामने रेलवे ट्रैक है। जिसे आर-पार करना ठीक नहीं होता है। बसहीं फाटक से ही बस्ती के लोग हाइवे पर पहुंचते थे। जिसके बंद होने से दूरी तो बढ़ी ही है। रास्ता भी नहीं बना है। अब आवागमन बड़ी परेशानी हो रही है।
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चंपा देवी ने बताया कि बस्तीवासियों को सबसे बड़ी दिक्कतें आवागमन को लेकर है। फाटक तक पहुंचने के लिए एकमात्र कच्चा मार्ग पांच दशक से न पक्का हो रहा है न ईंटे बिछवाई जा सकी हैं। गीता देवी ने बताया कि खेतीबारी का कार्य रेल खंड के दक्षिणी छोर पर होता है। फाटक बंद होने से पांच कदम की दूरी अब तीन से चार किमी की दूरी में बदल गया है। बस्ती के लोगों ने बसहीं फाटक के पूर्वी छोर से अनुसूचित बस्ती तक आरसीसी सड़क का निर्माण कराने की मांग की है। इसके लिए बस्ती के परिवार डीआरएम वाराणसी तक पहुंचेंगे।