ज्ञानपुर/भदोही। स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगरीय क्षेत्रों को स्वच्छ बनाने, स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर निकायों की रैंकिंग अच्छी आए इसके लिए सभी नगरीय क्षेत्रों में कूड़ेदान का इंतजाम किया गया था। सार्वजनिक स्थानों, बस्तियों के बीच में कूड़ेदान रखा गया है। सर्वेक्षण टीम जब आई तो उन्हीं कूड़ेदानों को देखकर रैंकिंग के लिए अंक भी दिया, लेकिन कुछ ही महीने के बाद ये कूड़ेदान कूड़े के रूप में तब्दील हो गए। कहीं सड़क किनारे फेंका पड़ा है तो कहीं टूटे हुए हाल में है। कई जगह से तो कूड़ेदान गायब ही हो चुका है। ऐसे में लोग सड़क पर ही घर का कचरा फेंकते हैं। इससे गंदगी तो बढ़ ही रही है दुर्गंध ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। ज्ञानपुर नगर पंचायत की ओर से सत्र 2021/22 में सभी वार्डों में 75 प्लास्टिक के कूडे़दान का वितरण किया गया था। एक कूड़ेदान की कीमत लगभग 1300 रुपये थी। सूत्रों के अनुसार, जहां लोहे वाला कूडेदान पहले से था, वहां प्लास्टिक कूड़ेदान का वितरण नहीं किया गया था। कूड़ेदानों की पड़ताल की गई तो दुर्गागंज तिराहे के पास रखा कूड़ेदान टूटा पड़ा मिला। इससे यहां चारों तरफ गंदगी बिखरी रही। यही स्थिति ज्ञान सरोवर के पास की भी है। यहां लोहे का कूड़ेदान तो है, लेकिन उसे देखने वाला कोई नहीं है। वह गिरा पड़ा है। लोग बाहर ही सड़क पर कचरा फेंककर चले जाते हैं। पोस्टमार्टम हाउस जाने वाले मार्ग के किनारे रखा कूड़ेदान भी कई दिनों से उठाया नहीं गया है। इसी तरह भदोही नगर पालिका की ओर से पिछले तीन वर्ष में शहर में कूड़ेदान लगाने के लिए लगभग 22 लाख रुपये और जबकि नईबाजार नगर पंचायत में 13 लाख रुपये की रकम खर्च की गई। शुरुआत में स्टेशन रोड, मेन रोड से लेकर मर्यादपट्टी तक तथा चौरी रोड आदि में सड़कों पर कूड़ेदान दिखाई दे रहे थे, लेकिन बृहस्पतिवार को जब इसकी पड़ताल की गई तो कई मार्गों से कूड़ेदान नदारद था, यदि कही है भी तो क्षतिग्रस्त था।