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गणपति बप्पा
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला
Updated Mon, 28 Sep 2015 01:36 AM IST
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रविवार को गणपति बप्पा के जय जयकारे के बीच भदोही और नईबाजार की लगभग ढाई
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दर्जन गणेश प्रतिमाएं ऊगापुर नहर में ले जाकर विसर्जित कर दी गईं।
शाम 5.10 बजे संवेदनशील तकिया कल्लन शाह से प्रतिमाओं के निकल जाने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। इस दौरान श्रद्धालुओं और पूजा समितियों के कार्यकर्ताओं में व्यापक उत्साह रहा। विसर्जन जुलूस संपन्न कराने में राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी व्यापक सहयोग किया। पूजा महासमिति की रणनीति थी कि 2 बजे तक सभी प्रतिमाएं मर्यादपट्टी पहुंच जाएंगी और उन्हें रवाना कर दिया जाएगा। लेकिन युवकों के उत्साह के चलते प्रतिमाएं 3 बजे मर्यादपट्टी से रवाना की जा सकीं।
अजिमुल्लाह चौराहे से प्रतिमाएं 4 बजे रवाना हो सकीं। संवेदनशील तकिया कल्लन शाह मसजिद के पास भारी पुलिस बल तैनात थी। 4 बजे प्रतिमाओं को रवाना करने के बाद उन्हें कहीं रोका नहीं गया। प्रशासन चाहता था कि समय से प्रतिमाएं तकिया कल्लन शाह से पार हो जाएं। इस दौरान पूजा समितियों के युवकों और श्रद्धालुओं में व्यापक उत्साह देखा गया। डीजे और पटाखे पर पाबंदी के बाद भी युवकों ने छिटपुट पटाखे छोड़े। नाचते गाते और गणपति के जय जयकारे करते युवक और बच्चे आगे बढ़ रहे थे। जुलूस के साथ साथ पुलिस का घेरा भी साथ-साथ चल रहा था। पूरे समय प्रशासन मुस्तैद रहा।
एसडीएम भदोही रामजी लाल, सीओ एपी सिंह भारी पुलिस बल लेकर जुलूस के साथ चल रहे थे और सुरक्षार्मियों को दिशानिर्देश भी दे रहे थे। शाम 5.10 बजे जब लगभग 22 प्रतिमाएं लिप्पन तिराहे की ओर निकल गईं तब प्रशासन ने राहत की सांस ली। सहयोग करने वालों में विनीत बरनवाल, सुभाष मौर्य, अमित सिंह, राम सेतु, शितल विश्वकर्मा, प्रिंस गुप्ता, अशोक जायसवाल, सतीश गुप्ता, भरत जायसवाल, कामता चौरसिया आदि का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
शाम 5.10 बजे संवेदनशील तकिया कल्लन शाह से प्रतिमाओं के निकल जाने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। इस दौरान श्रद्धालुओं और पूजा समितियों के कार्यकर्ताओं में व्यापक उत्साह रहा। विसर्जन जुलूस संपन्न कराने में राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी व्यापक सहयोग किया। पूजा महासमिति की रणनीति थी कि 2 बजे तक सभी प्रतिमाएं मर्यादपट्टी पहुंच जाएंगी और उन्हें रवाना कर दिया जाएगा। लेकिन युवकों के उत्साह के चलते प्रतिमाएं 3 बजे मर्यादपट्टी से रवाना की जा सकीं।
अजिमुल्लाह चौराहे से प्रतिमाएं 4 बजे रवाना हो सकीं। संवेदनशील तकिया कल्लन शाह मसजिद के पास भारी पुलिस बल तैनात थी। 4 बजे प्रतिमाओं को रवाना करने के बाद उन्हें कहीं रोका नहीं गया। प्रशासन चाहता था कि समय से प्रतिमाएं तकिया कल्लन शाह से पार हो जाएं। इस दौरान पूजा समितियों के युवकों और श्रद्धालुओं में व्यापक उत्साह देखा गया। डीजे और पटाखे पर पाबंदी के बाद भी युवकों ने छिटपुट पटाखे छोड़े। नाचते गाते और गणपति के जय जयकारे करते युवक और बच्चे आगे बढ़ रहे थे। जुलूस के साथ साथ पुलिस का घेरा भी साथ-साथ चल रहा था। पूरे समय प्रशासन मुस्तैद रहा।
एसडीएम भदोही रामजी लाल, सीओ एपी सिंह भारी पुलिस बल लेकर जुलूस के साथ चल रहे थे और सुरक्षार्मियों को दिशानिर्देश भी दे रहे थे। शाम 5.10 बजे जब लगभग 22 प्रतिमाएं लिप्पन तिराहे की ओर निकल गईं तब प्रशासन ने राहत की सांस ली। सहयोग करने वालों में विनीत बरनवाल, सुभाष मौर्य, अमित सिंह, राम सेतु, शितल विश्वकर्मा, प्रिंस गुप्ता, अशोक जायसवाल, सतीश गुप्ता, भरत जायसवाल, कामता चौरसिया आदि का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।