{"_id":"5e3dacad8ebc3ee5913c9cc1","slug":"ganges-will-be-green-in-bhadohi-bhadohi-news-vns5094764140","type":"story","status":"publish","title_hn":"नमामि गंगे मिशन से हरे-भरे होंगे गंगा तट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नमामि गंगे मिशन से हरे-भरे होंगे गंगा तट
विज्ञापन
ज्ञानपुर। नमामि गंगे औद्यानिक विकास योजना से गंगा से सटी ग्राम पंचायते हरी -भरी की जाएंगी। जिले की 47 ग्राम पंचायतों में 100 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बागवानी की जाएगी। इसमें किसानों को देखरेख के लिए एक हेक्टेयर पर हर माह तीन हजार मिलेगा। करीब 36 महीने तक यह लाभ मिलेगा। किसानों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
पर्यावरण को हराभरा बनाने के लिए हर साल सात से लेकर 18 लाख पौधे रोपे जाते हैं। पौधरोपण के साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए उद्यान विभाग की ओर से नमामि गंगे औद्योनिक मिशन योजना लागू की गई है। इसके तहत गंगा से सटी 47 ग्राम पंचायतों में 100 हेक्टेयर में बागवानी की जाएगी। जिसमें आम, अमरूद, आंवला, नीबू, बेल, अनार, बेर सहित अन्य फलदार पौधे लगाए जाएंगे। जिससे पर्यावरण स्वच्छ होने के साथ ही किसान अच्छी खासी कमाई कर सकेंगे। योजना की खासियत है कि किसान को प्रति हेक्टेयर बागवानी के देखरेख के लिए तीन हजार हर महीने मिलेंगे। इसके अलावा गंगा से सटी एक ग्राम पंचायत में प्राइवेट गंगा नर्सरी बनाई जाएगी। नर्सरी बनाने वाले किसान को 15 लाख खर्च करने होंगे, जिसमें साढ़े सात लाख सरकार अनुदान देगी। एक हेक्टेयर में यह नर्सरी बनाई जाएगी। जिला उद्यान अधिकारी सुनील तिवारी ने बताया कि गंगा को निर्मल बनाने की मुहिम में सरकार का यह एक कदम है। साफ-सफाई के साथ ही हरा-भरा माहौल बनाने के लिए योजना लागू की गई है। मार्च तक बागवानी के लिए लाभार्थी किसानों का चयन कर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। विभागीय उद्यान निरीक्षकों को तटीय क्षेत्रों का दौरा कर बागवानी योजना को हरसंभव सफल बनाने के लिए जोर दिया जा रहा है।
विज्ञापन
पर्यावरण को हराभरा बनाने के लिए हर साल सात से लेकर 18 लाख पौधे रोपे जाते हैं। पौधरोपण के साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए उद्यान विभाग की ओर से नमामि गंगे औद्योनिक मिशन योजना लागू की गई है। इसके तहत गंगा से सटी 47 ग्राम पंचायतों में 100 हेक्टेयर में बागवानी की जाएगी। जिसमें आम, अमरूद, आंवला, नीबू, बेल, अनार, बेर सहित अन्य फलदार पौधे लगाए जाएंगे। जिससे पर्यावरण स्वच्छ होने के साथ ही किसान अच्छी खासी कमाई कर सकेंगे। योजना की खासियत है कि किसान को प्रति हेक्टेयर बागवानी के देखरेख के लिए तीन हजार हर महीने मिलेंगे। इसके अलावा गंगा से सटी एक ग्राम पंचायत में प्राइवेट गंगा नर्सरी बनाई जाएगी। नर्सरी बनाने वाले किसान को 15 लाख खर्च करने होंगे, जिसमें साढ़े सात लाख सरकार अनुदान देगी। एक हेक्टेयर में यह नर्सरी बनाई जाएगी। जिला उद्यान अधिकारी सुनील तिवारी ने बताया कि गंगा को निर्मल बनाने की मुहिम में सरकार का यह एक कदम है। साफ-सफाई के साथ ही हरा-भरा माहौल बनाने के लिए योजना लागू की गई है। मार्च तक बागवानी के लिए लाभार्थी किसानों का चयन कर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। विभागीय उद्यान निरीक्षकों को तटीय क्षेत्रों का दौरा कर बागवानी योजना को हरसंभव सफल बनाने के लिए जोर दिया जा रहा है।
विज्ञापन