{"_id":"66ee05575f757aca3e0d9657","slug":"ganga-water-level-decreased-by-one-meter-in-three-days-expected-to-rise-from-tonight-bhadohi-news-c-191-1-gyn1003-116889-2024-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: तीन दिन में एक मीटर घटा गंगा का जलस्तर, आज रात से बढ़ने की उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: तीन दिन में एक मीटर घटा गंगा का जलस्तर, आज रात से बढ़ने की उम्मीद
विज्ञापन
गंगा का जलस्तर तीन दिनों में करीब एक मीटर तक घट गया है, हालांकि तटीय गांव में आंशिक रूप से कटान अब भी जारी है। गंगा घाटों पर कीचड़ और गंदगी से स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ गई है। गंगा बैराज से छोड़ा गया 3.50 लाख क्यूसेक पानी अभी प्रयागराज और फतेहपुर के मध्य पहुंचा है। शनिवार रात में उसके जनपद में प्रवेश करने का अनुमान है। जिससे रात से जलस्तर में बढ़ाव की उम्मीद जताई जा रही है।
इसे लेकर विभागीय अफसर अलर्ट हो चुके हैं। पश्चिमी यूपी और पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण एक सप्ताह पूर्व तेजी से गंगा का जलस्तर बढ़ा और सीजन का सबसे अधिक 78.89 मीटर तक पहुंच गया, लेकिन तीन दिनों से पानी घट रहा है। घटने की रफ्तार काफी धीमी होने से शुक्रवार शाम चार बजे तक जलस्तर 77. 83 मीटर तक पहुंच गया है। जलस्तर कम होने से तटीय लोगों ने राहत की सांस जरूर ली, लेकिन छेछुआ, मवैया थान सिंह, इटहरा गांव में उपजाऊ जमीन अब भी आंशिक रूप से कटान की चपेट में आ रही है।
जलस्तर में कमी के कारण गंगा के किनारे और घाटों पर कीचड़ और गंदगी फैल गई है। गंगा बैराज से छोडे गए पानी का असर गंगा में अभी तक नहीं दिखा। डीएम के निर्देश पर शुक्रवार को तहसीलदार ज्ञानपुर अजय कुमार सिंह ने तटीय गांव का निरीक्षण किया। राजस्व विभाग के कर्मचारियों को अलर्ट मोड में रहने के लिए कहा है। बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारी से कहा कि गंगा तट पर स्थित विद्यालय अगर बाढ़ से प्रभावित हों तो वहां के बच्चों को दूसरे विद्यालय में शिफ्ट किया जाए। अधिशासी अभियंता नहर सुधीर कुमार पाल ने कहा कि गंगा का पानी 77.83 मीटर तक पहुंच गया है। तीन दिनों में एक मीटर से अधिक पानी घटा है। उन्होंने बताया कि गंगा बैराज से छोड़ा गया पानी अभी प्रयागराज और फतेहपुर के मध्य पहुंचा है। शनिवार रात में वह जिले में पहुंचेगा।
विज्ञापन
घाट के किनारे बंधे नाव, अभी संचालन की उम्मीद नहीं
गंगा का जलस्तर भले ही घट रहा है, लेकिन तेज लहरों के कारण अभी तक नावों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। रामपुर, सीतामढ़ी, भोगांव समेत अन्य गंगा घाटों पर नाविक अपनी नावों को बांधकर रखे हैं। करीब एक सप्ताह से अधिक समय से नाव का संचालन रुका है। जलस्तर बढ़ने से आने वाले पांच से छह दिनों तक संचालन होना मुश्किल दिख रहा है।
विज्ञापन
इसे लेकर विभागीय अफसर अलर्ट हो चुके हैं। पश्चिमी यूपी और पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण एक सप्ताह पूर्व तेजी से गंगा का जलस्तर बढ़ा और सीजन का सबसे अधिक 78.89 मीटर तक पहुंच गया, लेकिन तीन दिनों से पानी घट रहा है। घटने की रफ्तार काफी धीमी होने से शुक्रवार शाम चार बजे तक जलस्तर 77. 83 मीटर तक पहुंच गया है। जलस्तर कम होने से तटीय लोगों ने राहत की सांस जरूर ली, लेकिन छेछुआ, मवैया थान सिंह, इटहरा गांव में उपजाऊ जमीन अब भी आंशिक रूप से कटान की चपेट में आ रही है।
विज्ञापन
जलस्तर में कमी के कारण गंगा के किनारे और घाटों पर कीचड़ और गंदगी फैल गई है। गंगा बैराज से छोडे गए पानी का असर गंगा में अभी तक नहीं दिखा। डीएम के निर्देश पर शुक्रवार को तहसीलदार ज्ञानपुर अजय कुमार सिंह ने तटीय गांव का निरीक्षण किया। राजस्व विभाग के कर्मचारियों को अलर्ट मोड में रहने के लिए कहा है। बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारी से कहा कि गंगा तट पर स्थित विद्यालय अगर बाढ़ से प्रभावित हों तो वहां के बच्चों को दूसरे विद्यालय में शिफ्ट किया जाए। अधिशासी अभियंता नहर सुधीर कुमार पाल ने कहा कि गंगा का पानी 77.83 मीटर तक पहुंच गया है। तीन दिनों में एक मीटर से अधिक पानी घटा है। उन्होंने बताया कि गंगा बैराज से छोड़ा गया पानी अभी प्रयागराज और फतेहपुर के मध्य पहुंचा है। शनिवार रात में वह जिले में पहुंचेगा।
विज्ञापन
घाट के किनारे बंधे नाव, अभी संचालन की उम्मीद नहीं
गंगा का जलस्तर भले ही घट रहा है, लेकिन तेज लहरों के कारण अभी तक नावों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। रामपुर, सीतामढ़ी, भोगांव समेत अन्य गंगा घाटों पर नाविक अपनी नावों को बांधकर रखे हैं। करीब एक सप्ताह से अधिक समय से नाव का संचालन रुका है। जलस्तर बढ़ने से आने वाले पांच से छह दिनों तक संचालन होना मुश्किल दिख रहा है।