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Bhadohi News: चेतावनी बिंदु से तीन मीटर दूर गंगा, 22 बाढ़ चौकियां सक्रिय
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सीतामढ़ी गंगा घाट पर पक्की सीढ़ी पर भरा बाढ़ का पानी। संवाद
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गंगा के जलस्तर में 12 घंटे ठहराव के बाद शनिवार को सुबह से फिर से बढ़ोतरी शुरु हो गई है। शनिवार शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 77.110 मीटर दर्ज किया गया। एक्सईएन नहर सुधीर पाल के अनुसार गंगा चेतावनी बिंदु से केवल तीन मीटर कम है।
गंगा में खतरे का निशान 80.20 मीटर और चेतावनी बिंदु 81.20 है। जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 22 बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। टोल फ्री नंबर जारी कर दिया गया है। डीएम शैलेष कुमार और एसपी अभिनव त्यागी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों के राहत बचाव के निर्देश दिए। पहाड़ी क्षेत्रों और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हो रही बारिश का असर गंगा के जलस्तर पर दिख रहा है। करीब एक सप्ताह से गंगा का जलस्तर रोज बढ़ रहा है। शुक्रवार शाम को जलस्तर स्थिर हो गया तो लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन शनिवार को एक बार फिर जलस्तर बढ़ने लगा। एक से दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। एक मीटर पानी और बढ़ने पर कोनिया, इटहरा आदि क्षेत्रों में कटान शुरू हो जाएगा।
वहीं शनिवार को दोपहर में डीएम और एसपी ने बाढ़ एवं कटान से प्रभावित होने वाले गांवों का दौरा किया। दोनों अधिकारी सबसे पहले इटहरा स्थित बाढ़ राहत केंद्र शिवकरन मिश्रा इंटर काॅलेज में पहुंचे। डीएम ने स्वास्थ्य, पशुपालन समेत अन्य विभागों के अधिकारियों को अभी से अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया। तीन ओर गंगा से घिरे कोनिया क्षेत्र को बाढ़ के दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। कोनिया के छेछुआ, भुर्रा, इटहरा सहित कई गांवों में कटान प्रमुख समस्या है।
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गंगा में खतरे का निशान 80.20 मीटर और चेतावनी बिंदु 81.20 है। जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 22 बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। टोल फ्री नंबर जारी कर दिया गया है। डीएम शैलेष कुमार और एसपी अभिनव त्यागी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों के राहत बचाव के निर्देश दिए। पहाड़ी क्षेत्रों और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हो रही बारिश का असर गंगा के जलस्तर पर दिख रहा है। करीब एक सप्ताह से गंगा का जलस्तर रोज बढ़ रहा है। शुक्रवार शाम को जलस्तर स्थिर हो गया तो लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन शनिवार को एक बार फिर जलस्तर बढ़ने लगा। एक से दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। एक मीटर पानी और बढ़ने पर कोनिया, इटहरा आदि क्षेत्रों में कटान शुरू हो जाएगा।
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वहीं शनिवार को दोपहर में डीएम और एसपी ने बाढ़ एवं कटान से प्रभावित होने वाले गांवों का दौरा किया। दोनों अधिकारी सबसे पहले इटहरा स्थित बाढ़ राहत केंद्र शिवकरन मिश्रा इंटर काॅलेज में पहुंचे। डीएम ने स्वास्थ्य, पशुपालन समेत अन्य विभागों के अधिकारियों को अभी से अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया। तीन ओर गंगा से घिरे कोनिया क्षेत्र को बाढ़ के दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। कोनिया के छेछुआ, भुर्रा, इटहरा सहित कई गांवों में कटान प्रमुख समस्या है।
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