जनपद सृजन के 27वें वर्षगांठ पर बुधवार को विभिन्न राजनीतिक दल के सदस्यों की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। कांग्रेस, लोकदल, ससपा, और पूर्वांचल क्रांति दल के सदस्यों ने विभिन्न स्थानों पर बैठकें और प्रदर्शन कर जिले की बदहाली के लिए पूर्व की सरकारों और जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया। कठौता में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दीनदयाल मिश्र के आवास पर हुई बैठक में पत्रकारों से बातचीत करते हुए संघर्ष समिति के महामंत्री पं. केशव कृपाल महाराज, कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष, गोपीगंज नगर अध्यक्ष आकाश मिश्र ने कहा कि 30 जून 1994 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने भदोही को अलग जिला बनाया। मोढ़ कार्यालय में लोक दल जिला इकाई के जिलाध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने कहा कि 27 वर्ष में विकास, जन कल्याणकारी योजनाएं धरातल पर नहीं दिख रही। कहा युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं और कल-कारखानों बंद है। इस मौके पर संजय मिश्रा, त्रिपुरारी शुक्ला, ओमप्रकाश चौटाला, वकील अहमद आदि रहे। ज्ञानपुर में कांग्रेस कमेटी के सचिव पं. राजेंद्र कुमार दुबे राजन, वसीम अंसारी ने कहा कि जनपद का दुर्भाग्य है कि जिस सोच के साथ जनपद का सृजन हुआ था पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। गत 27 वर्षों में सपा, बसपा और भाजपा की सरकार रही। प्रदेश से सौतेला व्यवहार ने कालीन नगरी को गर्त में डाल दिया। अधूरा ट्रामा सेंटर, अधूरे बस स्टेशन, रामपुर घाट पर पक्का पुल, केएनपीजी कालेज में विश्व विद्यालय बनाना, चीनी मिल औराई, इंदिरा मिल भदोही, कंबल कारखाना गोपीगंज, डाइंग प्लांट बड़वापुर से रोजगार का सपना टूट गया है।