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Bhadohi News: 163 जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराकर उगाया जाएगा चारा
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ज्ञानपुर। गोशालाओं में पशुओं के हर चारे की समस्या के समाधान के लिए गांव की अतिक्रमित जमीनों को खाली कराया जाएगा। गोचर-चारागाह योजना के तहत इन जमीनों पर हरे चारे की खेती की जाएगी। सीडीओ डॉ. शिवाकांत शुक्ला ने 163 गांवों में अतिक्रमित भूमि को खाली कराकर पशुपालन विभाग को खेती के लिए सौंपने का निर्देश दिया है।
जिले की तीन स्थायी और 28 अस्थायी गोशालाओं में करीब 7400 गोवंश संरक्षित किए गए हैं। गोशालाओं में संरक्षित गोवंशों के भरण पोषण को लेकर विभागीय स्तर से प्रयास किए जाते रहे हैं। विभाग सक्षम लोगों से भूसा दान करने की अपील करता है। वहीं शासन की ओर से मिलने वाली धनराशि से गोवंशों के भरण पोषण का कार्य करता है।
विभाग अब पशुओं के 12 महीने तक भरण पोषण के लिए विभाग हरे चारे का भी इंतजाम करने जा रहा है। इसके लिए गांवों में अतिक्रमण किए गए बंजर जमीनों को तलाशा जा रहा है। सीडीओ ने तीनों तहसीलों के एसडीएम के ऐसे जमीनों को चिह्नित कर खाली कराने का निर्देश दिया है। जिसके बाद तीनों तहसील में 163 जमीन चिह्नित किए गए हैं। इसके बाद इन जमीनों पर गोवंश संचालक हरे चारे की खेती करेंगे। इस समय रामकपुरा, बहुतरा खुर्द, पीपरीस, नारेपार समेत 20 से 25 गांवों हरे चारे की खेती की जाती है। संवाद
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जिले की तीन स्थायी और 28 अस्थायी गोशालाओं में करीब 7400 गोवंश संरक्षित किए गए हैं। गोशालाओं में संरक्षित गोवंशों के भरण पोषण को लेकर विभागीय स्तर से प्रयास किए जाते रहे हैं। विभाग सक्षम लोगों से भूसा दान करने की अपील करता है। वहीं शासन की ओर से मिलने वाली धनराशि से गोवंशों के भरण पोषण का कार्य करता है।
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विभाग अब पशुओं के 12 महीने तक भरण पोषण के लिए विभाग हरे चारे का भी इंतजाम करने जा रहा है। इसके लिए गांवों में अतिक्रमण किए गए बंजर जमीनों को तलाशा जा रहा है। सीडीओ ने तीनों तहसीलों के एसडीएम के ऐसे जमीनों को चिह्नित कर खाली कराने का निर्देश दिया है। जिसके बाद तीनों तहसील में 163 जमीन चिह्नित किए गए हैं। इसके बाद इन जमीनों पर गोवंश संचालक हरे चारे की खेती करेंगे। इस समय रामकपुरा, बहुतरा खुर्द, पीपरीस, नारेपार समेत 20 से 25 गांवों हरे चारे की खेती की जाती है। संवाद
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