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Bhadohi News: गंगा में छोड़ी गईं मछलियां प्रदूषण पर लगेगी रोक
Fri, 14 Nov 2025 12:43 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भदोही
संवाद न्यूज एजेंसी, भदोही
Updated Fri, 14 Nov 2025 12:43 AM IST
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रिवर रैचिंग के तहत गंगा नदी में मत्स्य छोड़ते लोग। स्रोत विभाग
- फोटो : एनआरसी का निरीक्षण करती संयुक्त सचिव।
सीतामढ़ी। डीघ ब्लाॅक में गंगा नदी के किनारे बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत रिवर रैचिंग के तहत रोहू, नयन, भाकुर प्रजाति की दो लाख 30 हजार मछली मैटस उंगली का संचय किया गया।
इससे गंगा में होने वाले प्रदूषण कम होंगे। प्रभारी मत्स्य अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि नदियों में मत्स्य उत्पादन की वृद्धि एवं मत्स्य व्यवसाय में रोजगार के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित है। मछलियां नदियों में बढ़ रहे प्रदूषण को काम करती हैं।
रोकथाम में सहायक होती हैं, नदियों में कई प्रजातियों की मछलियां जो विलुप्त हो रही हैं। उनको बचाने के लिए मछली छोड़ी गईं है।
इससे मछुआ समुदाय के लोग मत्स्य आखेट करके अपने परिवार का भरण पोषण एवं रोजगार प्राप्त करते हैं।
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इससे गंगा में होने वाले प्रदूषण कम होंगे। प्रभारी मत्स्य अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि नदियों में मत्स्य उत्पादन की वृद्धि एवं मत्स्य व्यवसाय में रोजगार के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित है। मछलियां नदियों में बढ़ रहे प्रदूषण को काम करती हैं।
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रोकथाम में सहायक होती हैं, नदियों में कई प्रजातियों की मछलियां जो विलुप्त हो रही हैं। उनको बचाने के लिए मछली छोड़ी गईं है।
इससे मछुआ समुदाय के लोग मत्स्य आखेट करके अपने परिवार का भरण पोषण एवं रोजगार प्राप्त करते हैं।