कोतवाली क्षेत्र में जमीन के पुराने दस्तावेजों में हेराफेरी और जालसाजी के आरोप में पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि करीब सात दशक पुराने दस्तावेजों में हेरफेर कर जमीन के अभिलेखों में नाम दर्ज कराए गए। करीब दो माह के भीतर आरोपियों के खिलाफ यह दूसरी प्राथमिकी दर्ज हुई है। घनश्याम कोल्ड स्टोरेज निवासी जटाशंकर दूबे ने न्यायालय में वाद दायर कर बताया कि वह सेवाश्रम इंटर कॉलेज की कार्यकारिणी के सदस्य हैं। उनके अनुसार, कुछ लोगों ने राजा बनारस के नाम पर फर्जी पट्टा दर्शाकर कॉलेज से जुड़ी जमीन के दस्तावेजों में हेराफेरी की। आरोप है कि राजस्व विभाग को गुमराह कर प्रमिला देवी के ससुर का नाम अभिलेखों में दर्ज कराया गया। इसके बाद कई अन्य लोगों के नाम भी जमीन के दस्तावेजों में दर्ज कराए गए।
मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने बंशीधर उपाध्याय और उनके बेटे हरिप्रकाश उपाध्याय, कैलाश नाथ दूबे और उनके बेटे परमात्मा दूबे व पौत्र अचल दूबे, प्रमिला पासी, अरविंद शुक्ला, अनिल मिश्रा और योगेश दूबे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की विवेचना कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताते चलें कि बंशीधर उपाध्याय समेत सात लोगों के खिलाफ करीब दो माह पहले भी जालसाजी और धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।