फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   Fields and roads become heavy due to heavy rains

झमाझम बारिश से खेत और सड़कें लबालब

Wed, 23 Sep 2020 07:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2020 07:33 PM IST
विज्ञापन
Fields and roads become heavy due to heavy rains
अभोली ब्लॉक के भौथर गांव में बारिश के साथ तेज हवा से गिरी धान की फसल को उठाता किसान। - फोटो : BHADOHI
ज्ञानपुर। पिछले तीन दिनों से जारी इंद्रदेव की मेहरबानियों ने सामान्य जनजीवन से लेकर खेतीबारी तक को बेपटरी कर दिया है। झमाझम बारिश से सड़कें और खेत लबालब हो गए। निचले इलाकों में भारी जलभराव से आवागमन बाधित हो गया। कई घरों और सरकारी भवनों में बारिश का पानी भर गया। धान की फसल के लिए यह बारिश अमृत मानी जा रही है, मगर बारिश के साथ चलीं तेज हवाओं ने लगभग तैयार हो चुकी धान की फसल को जमीन पर बिछा दिया। मेहनत मिट्टी में मिलती देख किसान परेशान हो चले हैं।
विज्ञापन

सोमवार से बिगड़े मौसम का मिजाज बुधवार को भी उसी रौ में दिखा। मंगलवार रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला बुधवार को दिनभर चलता रहा। रुक-रुक पूरे दिन बरसात होती रही। इससे जनजीवन तर-ब-तर हो गया। बुधवार को पौ फटी तो आसमान काले बादलों की उमड़-घुमड़ से घिरा था। थोड़ी ही देर में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। डेढ़ से दो घंटे तक हुई बारिश से हर तरफ पानी ही पानी दिखने लगा। इसके बाद दोपहर और शाम को हुई बारिश से ज्ञानपुर नगर की सड़कें कई स्थानों पर जलमग्न हो गईं। बालीपुर रोड, पुरानी कलेक्ट्री के सामने, मंडी का इलाका, पटेलनगर और मुख्यालय जाने वाले मार्ग पर भारी जलभराव हो गया। इन मार्गों से गुजरने वाले वाहनों को घुटने तक पानी से होकर गुजरना पड़ रहा था। खास बात यह कि बारिश के साथ हवाओं ने धान की खेती को नुकसान भी पहुंचाया। सबसे ज्यादा नुकसान अभोली और सुरियावां ब्लॉक के किसानों को हुआ। दुर्गागंज संवाददाता के मुताबिक क्षेत्र के 30 फीसदी से अधिक किसानों की धान की फसल बालियां फूटने की कगार पर थी, वह सब गिर गई। साथ ही खेतों में घुटने भर पानी लग गया। किसानों की पीड़ा यह है कि निचले इलाके के खेतों में अगर पानी ज्यादा दिन तक टिका रह गया तो उपज भी प्रभावित हो सकती है। साथ ही जो फसल गिर गई है, उनकी बालियों में अब दाने पड़ने की गुंजाइश भी कम हो गई है। साथ ही तमाम सड़कें कीचड़ और गंदे पानी से सन गईं।
विज्ञापन

मानसून की विदाई का लक्षण
कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के कृषि मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने कहा कि अक्तूबर के आरंभ में मानसून की विदाई भी हो सकती है। इस बार झमाझम बारिश के साथ मानसून का अंत होने के संकेत मिले हैं। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के असर से यह बारिश हो रही है। सितंबर महीने भर बारिश होने की संभावना है। हालांकि 25 सितंबर के बाद बारिश का असर कम होने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed