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जिला अस्पताला में बुखार, सर्दी, खांसी के मरीज बढ़े
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मौसम में बदलाव से लोग तेजी से वायरल फीवर की चपेट में आ रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मौसम कभी गर्म तो कभी सर्द हो रहा है। ऐसे में सबसे पहले बुखार हो रहा है, उसके बाद खांसी, सर्दी शरीर में दर्द, गले में खरास, खुजली, कमजोरी, भूख नहीं लगना डायरिया आदि से लोग परेशान हो रहे हैं। बुखार होने के बाद ठीक होने में कम से कम एक सप्ताह का समय लग रहा है।
महाराजा चेत सिंह जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. प्रदीप ने बताया कि इस मौसम में कभी बारिश तो कभी तेज धूप हो रही है। मौसम में उतार-चढ़ाव और बारिश में भीगने के कारण लोगों को वायरल बुखार हो जा रहा है। क्योंकि ऐसे मौसम में विषाणु अधिक पनपते हैं। इनसे वायरल फीवर, गले, फेफड़े और नाक में संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए सावधानी जरूरी है। उन्होंने बताया कि खान-पान में असावधानी के चलते पेट संबंधी तकलीफ होने पर लोग जिला अस्पताल आ रहे हैं। शनिवार को भुड़की निवासी भरत लाल, (24) , क्षमा (16 ), जोरई निवासी मुनेशरा (50) हर्षिता (14), दिक्षिता (15), रागनी (2) आयुष (3) शुभम (5) इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बीएस दुबे ने कहा कि बदलते मौसम में बच्चे के शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर भोजन दें। बच्चे की इम्युनिटी को मजबूत रखें। ऐसे में वह बीमार नहीं पड़ेगा। बीमार पड़ेगा भी तो जल्दी स्वस्थ हो जाएगा। पानी उबाल कर दें, साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। बुखार होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
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महाराजा चेत सिंह जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. प्रदीप ने बताया कि इस मौसम में कभी बारिश तो कभी तेज धूप हो रही है। मौसम में उतार-चढ़ाव और बारिश में भीगने के कारण लोगों को वायरल बुखार हो जा रहा है। क्योंकि ऐसे मौसम में विषाणु अधिक पनपते हैं। इनसे वायरल फीवर, गले, फेफड़े और नाक में संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए सावधानी जरूरी है। उन्होंने बताया कि खान-पान में असावधानी के चलते पेट संबंधी तकलीफ होने पर लोग जिला अस्पताल आ रहे हैं। शनिवार को भुड़की निवासी भरत लाल, (24) , क्षमा (16 ), जोरई निवासी मुनेशरा (50) हर्षिता (14), दिक्षिता (15), रागनी (2) आयुष (3) शुभम (5) इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बीएस दुबे ने कहा कि बदलते मौसम में बच्चे के शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर भोजन दें। बच्चे की इम्युनिटी को मजबूत रखें। ऐसे में वह बीमार नहीं पड़ेगा। बीमार पड़ेगा भी तो जल्दी स्वस्थ हो जाएगा। पानी उबाल कर दें, साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। बुखार होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
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