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वसूली का डर, 77 लोगों ने सरेंडर किया राशनकार्ड
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नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई वर्षों से पात्रों का हक डकारने वालों के लिए डीएम की अपील का असर और वसूली का डर दिखना शुरू हो गया है। मंगलवार तक तहसील ज्ञानपुर, भदोही और औराई में कार्यरत क्षेत्रीय आपूर्ति दफ्तरों में 77 लोगों ने राशनकार्ड सरेंडर करने का आवेदन किया है। दो दिन में जिला स्तर से गांव और नगर में पहुंचने वाली सत्यापन टीमों का गठन होने पर आपूर्ति विभाग अपात्र राशनकार्ड दबाकर बैठने वालों को चिन्हित करना शुरू कर देगा।
डीएम आर्यका अखौरी ने आपूर्ति विभाग के साथ बैठक कर अपील किया था कि लगभग पौने तीन लाख पात्र गृहस्थी और 38266 अंत्योदय कार्ड धारक प्रति माह शासन की नि:शुल्क योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। ऐसी स्थिति में अभी तक ऐसे पात्र को लाभ नहीं मिल पा रहा है जो उसके हकदार हैं। पात्रों को हक दिलाने में अपात्रों को चिन्हित कराना जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्र में वार्षिक आय दो लाख से अधिक अर्जित करने वाले, एसी, चार चक्का वाहन, हारर्वेस्टर, आयकर दाता, पांच केवीए का जनरेटर, पांच एकड़ से अधिक सिंचित जमीन, एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस है तो राशनकार्ड को सरेंडर कर देना चाहिए। नगर क्षेत्र में सौ वर्ग मीटर या अधिक स्वअर्जित आवासीय प्लाट, स्वनिर्मित मकान, सौ वर्ग मीटर व्यवसायिक भूभाग, वार्षिक आय की सीमा तीन लाख से अधिक होने पर राशनकार्ड स्वयं सरेंडर किए जाए।
किस तहसील से कितने ने सरेंडर किया राशनकार्ड जिला पूर्ति अधिकारी सीमा सिंह ने बताया कि ज्ञानपुर तहसील से 50, भदोही से 12, अभोली-सुरियावां से 15 लोगों ने राशनकार्ड सरेंडर करने के लिए आवेदन किया है। जांच कराकर आवेदकों का नाम पात्रता सूची से हटा दिया जाएगा। दो दिन में डीएम की निगरानी में सत्यापन टीम गठित होने पर गांव और नगर में टीमें पहुंचने लगेंगी।
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अपात्रता पर कसेगा शिकंजा, पात्रों के लिए खुलेगा द्वार
ज्ञानपुर। डीएसओ सीमा सिंह ने कहा कि अपात्र राशनकार्ड सरेंडर न होने पर सख्ती भी होगी। शासन की गाइड लाइन में बनने वाली रणनीति दो दिन में तय हो जाएगी। पात्रता के लिए अभी तक भिक्षावृत्ति, रिक्शा चालक, कुष्ठ, कैंसर, एड्स रोगी, घरेलू कामकाज, माता-पिता विहीन परिवार, गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले, मानसिक रोग से पीड़ित, आवास विहीन, स्वच्छकार, दैनिक वेतनभोगी, मजदूर, पल्लेदारों को प्रमुखता मिलेगी। अपात्रता सामने आने पर विभाग पात्र गृहस्थी, अंत्योदय कार्ड धारकों से वसूली भी करेगा जिसका मानक अभी तय नहीं हुआ है।
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डीएम आर्यका अखौरी ने आपूर्ति विभाग के साथ बैठक कर अपील किया था कि लगभग पौने तीन लाख पात्र गृहस्थी और 38266 अंत्योदय कार्ड धारक प्रति माह शासन की नि:शुल्क योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। ऐसी स्थिति में अभी तक ऐसे पात्र को लाभ नहीं मिल पा रहा है जो उसके हकदार हैं। पात्रों को हक दिलाने में अपात्रों को चिन्हित कराना जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्र में वार्षिक आय दो लाख से अधिक अर्जित करने वाले, एसी, चार चक्का वाहन, हारर्वेस्टर, आयकर दाता, पांच केवीए का जनरेटर, पांच एकड़ से अधिक सिंचित जमीन, एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस है तो राशनकार्ड को सरेंडर कर देना चाहिए। नगर क्षेत्र में सौ वर्ग मीटर या अधिक स्वअर्जित आवासीय प्लाट, स्वनिर्मित मकान, सौ वर्ग मीटर व्यवसायिक भूभाग, वार्षिक आय की सीमा तीन लाख से अधिक होने पर राशनकार्ड स्वयं सरेंडर किए जाए।
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किस तहसील से कितने ने सरेंडर किया राशनकार्ड जिला पूर्ति अधिकारी सीमा सिंह ने बताया कि ज्ञानपुर तहसील से 50, भदोही से 12, अभोली-सुरियावां से 15 लोगों ने राशनकार्ड सरेंडर करने के लिए आवेदन किया है। जांच कराकर आवेदकों का नाम पात्रता सूची से हटा दिया जाएगा। दो दिन में डीएम की निगरानी में सत्यापन टीम गठित होने पर गांव और नगर में टीमें पहुंचने लगेंगी।
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अपात्रता पर कसेगा शिकंजा, पात्रों के लिए खुलेगा द्वार
ज्ञानपुर। डीएसओ सीमा सिंह ने कहा कि अपात्र राशनकार्ड सरेंडर न होने पर सख्ती भी होगी। शासन की गाइड लाइन में बनने वाली रणनीति दो दिन में तय हो जाएगी। पात्रता के लिए अभी तक भिक्षावृत्ति, रिक्शा चालक, कुष्ठ, कैंसर, एड्स रोगी, घरेलू कामकाज, माता-पिता विहीन परिवार, गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले, मानसिक रोग से पीड़ित, आवास विहीन, स्वच्छकार, दैनिक वेतनभोगी, मजदूर, पल्लेदारों को प्रमुखता मिलेगी। अपात्रता सामने आने पर विभाग पात्र गृहस्थी, अंत्योदय कार्ड धारकों से वसूली भी करेगा जिसका मानक अभी तय नहीं हुआ है।