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माघ मेला की तैयारी आधी-अधूरी
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जंगीगंज। काशी-प्रयाग के मध्य सेमराधनाथ में महीने भर तक सजने वाली तंबुओ की नगरी में आस्था के कुंभ पर अव्यवस्था भारी पड़ रही है। चकरप्लेट की कमी ने कल्पवास मार्ग को कठिन बना रहा है तो रात में बिजली की कटौती से कल्पवास स्थल को घूप अंधेरे में डूबो रहा है। इससे कई जिले से आए कल्पवासियों को काफी मुश्किल हो रही है।
गंगा के मखमली रेत पर सजी आस्था नगरी में जिले के साथ ही मिर्जापुर,जौनपुर और गाजीपुर के श्रद्धालु एक माह के लिए कल्पवास करने पहुंचते है। यो तो परंपरागत रूप से कल्पवास मेले का शुभारंभ एक जनवरी को जिलाधिकारी ने ध्वजारोहण के साथ किया। पौष पूर्णिमा के पहले से ही कल्पवासी सेमराध पहुंचने लगे, लेकिन खामियों से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 15 जनवरी को मकर संक्राति का पहला स्नान पर्व है लेकिन कल्पवास स्थल तक चकरप्लेट न बिछाए जाने से वहां जाना काफी कठिन हो चुका है। डीएम के सख्त निर्देश के बाद भी व्यवस्थाए अब भी अधूरी है। कल्पवास स्थल तक पहुंचने के लिए करीब 120 चकरप्लेट की जरूरत है लेकिन अब तक 80 ही बिछाए गए। अस्थाई तौर पर बिजली के तार आदि खींचे गए लेकिन बिजली कटौती होने से रात में कल्पवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रेत के कारण जैसे तैसे लोग पैदल भी मुश्किल से पहुंच पा रहे है। सामान आदि लादकर वाहनों से मौके पर नहीं पहुंच पा रहे। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने मांग किया कि कल्पवास में 40 से 50 चकरप्लेट और बिछ जाए तो सहूलियत मिलेगी साथ ही रात में बिजली की आपूर्ति अनवरत की जाए।
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गंगा के मखमली रेत पर सजी आस्था नगरी में जिले के साथ ही मिर्जापुर,जौनपुर और गाजीपुर के श्रद्धालु एक माह के लिए कल्पवास करने पहुंचते है। यो तो परंपरागत रूप से कल्पवास मेले का शुभारंभ एक जनवरी को जिलाधिकारी ने ध्वजारोहण के साथ किया। पौष पूर्णिमा के पहले से ही कल्पवासी सेमराध पहुंचने लगे, लेकिन खामियों से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 15 जनवरी को मकर संक्राति का पहला स्नान पर्व है लेकिन कल्पवास स्थल तक चकरप्लेट न बिछाए जाने से वहां जाना काफी कठिन हो चुका है। डीएम के सख्त निर्देश के बाद भी व्यवस्थाए अब भी अधूरी है। कल्पवास स्थल तक पहुंचने के लिए करीब 120 चकरप्लेट की जरूरत है लेकिन अब तक 80 ही बिछाए गए। अस्थाई तौर पर बिजली के तार आदि खींचे गए लेकिन बिजली कटौती होने से रात में कल्पवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रेत के कारण जैसे तैसे लोग पैदल भी मुश्किल से पहुंच पा रहे है। सामान आदि लादकर वाहनों से मौके पर नहीं पहुंच पा रहे। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने मांग किया कि कल्पवास में 40 से 50 चकरप्लेट और बिछ जाए तो सहूलियत मिलेगी साथ ही रात में बिजली की आपूर्ति अनवरत की जाए।
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