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उपकरण न रसायन, कैसे तैयार होंगे बाल वैज्ञानिक

Sun, 20 Feb 2022 12:31 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Feb 2022 12:31 AM IST
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Equipment not chemicals, how will child scientists prepare
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत बाल वैज्ञानिकों की फौज तैयार करने का सपना कालीन नगरी में धूमिल होने लगा है। जिले में खुले 33 राजकीय हाईस्कूलों में प्रयोगशालाओं पर करीब 50 लाख रुपये खर्च हो गए, लेकिन शिक्षकों की कमी और उदासीनता से सब कुछ बेकार हो गया। चार से पांच साल से रखे उपकरण और रसायन खराब हो चुके हैं।
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छात्र-छात्राओं को हाईस्कूल में पढ़ने के लिए दिक्कत न हो, इसके लिए एक दशक पूर्व सरकार ने जिले के 33 पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को उच्चीकृत कर राजकीय हाईस्कूल का दर्जा दे दिया। स्कूलों के भवन, लैब समेत अन्य व्यवस्था में सुधार के लिए एक-एक विद्यालय पर 57 -57 लाख रुपये खर्च किए गए। इसमें डेढ़-डेढ़ लाख रुपये केवल विज्ञान की प्रयोगशालाओं पर खर्च किए गए। जिसमें भौतिक, रसायन और जीव विज्ञान से जुड़े उपकरण और रसायन शामिल रहे। इस बीच पांच-छह साल से शिक्षकों की कमी के कारण उपकरण और रसायन रखे रह गए। वर्ष 2016-17 में प्रयोगशालाओं में उपकरण तो आ गए, लेकिन विज्ञान शिक्षकों की कमी से प्रयोगशालाओं में रखे सभी उपकरण शोपीस बनकर गए हैं, जबकि रसायन खराब हो चुके हैं। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो 33 राजकीय हाईस्कूल और तीन राजकीय इंटर कॉलेज जिले में संचालित हैं। वीएनजीआईसी, जीआईसी जगन्नाथपुर, महराजगंज को छोड़ दिया जाए तो 33 राजकीय हाईस्कूलों में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। अभोली, सदौपुर, हरिहरपुर की प्रयोगशाला में उपकरण तो हैं लेकिन रसायन खराब हो चुके हैं। कमोवेश सभी राजकीय हाईस्कूलों में यही स्थिति है। डीआईओएस एनएल गुप्ता का कहना है कि शिक्षकों की कमी से प्रयोगशालाओं के संचालन में दिक्कत हुई। हालांकि तीन साल में शिक्षकों की संख्या में इजाफा हुआ है। अब व्यवस्था में सुधार के लिए दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
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उधर, जिले के 33 राजकीय हाईस्कूलों में कुल करीब 300 शिक्षकों व कर्मचारियों की जरूरत है। इनमें से वर्तमान में 179 की ही तैनाती है। अब भी करीब 120 शिक्षकों व कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। इससे छठीं से 10वीं तक की कक्षाओं पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने में दिक्कत होती है। वर्ष 2020 में छात्र संख्या 2602 थी, जबकि 2021 में यह संख्या 3028 हो गई।
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