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Bhadohi News: 100 घरों में बांस-बल्ली के सहारे हो रही बिजली आपूर्ति

Fri, 17 Oct 2025 01:32 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 17 Oct 2025 01:32 AM IST
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Electricity supply to 100 houses is being done with the help of bamboo poles.
नईबाजार। कारपेट सिटी उपकेन्द्र से जुड़े मखदुमपुर गांव के 100 घरों में अब भी बांस बल्ली के सहारे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। 20 सालों से बिजली निगम के अधिकारी यहां बिजली का खंभा नहीं लगा सके हैं। बांस बल्ली के सहारे हो रहे आपूर्ति के बीच करीब 3000 की आबादी खतरे के बीच रहने को विवश हैं। कई बार बांस के सहारे लटक रहे तार लोगों के लिए खतरा बन चुके हैं।
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मखदुमपुर गांव में बिजली आपूर्ति कारपेट सिटी उपकेन्द्र से की जाती है। गांव में 100 से अधिक परिवार रहते होंगे। वहीं गांव की आबादी 3000 हजार के आसपास है। गांव में दो दशक से अब भी बांस-बल्ली के सहारे बिजली की आपूर्ति हो रही है। यहां करीब 300 मीटर तक तारों का जाल फैला हुआ है। गांव में खंभे लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन जिम्मेदार गांव के बार्डर तक खंभा लगाकर चले गए। जिसके बाद स्थानीय लोग खुद बांस-बल्ली के सहारे तार खिंचकर कनेक्शन लिया। गौर करने वाली बात है कि बिजली निगम के अधिकारी हर घर में मीटर तो लगाए हैं, लेकिन खंभा नहीं लगाए हैँ। आरडीएसएस योजना के तहत तमाम काम कराए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है। प्रधान हौसला प्रसाद गौतम ने बताया कि कई बार जेई और बिजली निगम से शिकायत कर खंभे लगाए जाने की मांग की। इसके बाद भी बिजली निगम के जिम्मेदार कहते हैं कि जब आपका गांव भदोही नगर पालिका में शामिल हो जाएगा, तब खंभे लगाए जाएंगे।
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स्मार्ट मीटर भी लगा दिया, बिल भी ले रहे, लेकिन खंभे नहीं लगे
गांव के रामजीत यादव ने बताया कि बिजली निगम की लापरवाही के कारण खतरे की आशंका बनी रहती है। कई बार हवा से बांस बल्ली गिर जाते हैं। जिससे आपूर्ति भी बाधित हो जाती है। इसी तरह रविंद्र यादव ने बताया कि बिजली निगम के अधिकारी खंभा नहीं लगाया, लेकिन लोगों के घरों तक स्मार्ट मीटर व मीटर जरूर लगाए हैं। गर्मी के दिनों में तार टूटने से फसलों में आग लग जाती है। बताया कि जिम्मेदार बिजली बिल लेने हर माह आते हैं, लेकिन सुविधाएं नहीं दी जाती है।
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100 करोड़ की आरडीएसएस योजना का पता नहीं
बीते दो सालों से जिले भर में 100 करोड़ की आरडीएसएस योजना(पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना) संचालित हो रही है। जिसमें नए खंभे लगाने, जर्जर तार बदले जाने, केबिलीकरण और ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि जैसे कार्य कराए जाने हैं। 100 करोड़ की परियोजना कितनी धरातल पर उतर सकी। इसका सही आंकलन अधिकारी भी नहीं बता पाते। अब भी कई गांवों की बस्तियों में बांस बल्ली के सहारे बिजली की आपूर्ति की जाती है। जिसमें ज्ञानपुर, नईबाजार, भदोही, गोपीगंज, घोसिया, खमरिया व सुरियावां की कई बस्तियों में बांस बल्ली से बिजली आपूर्ति की जाती है।

वर्जन
ग्रामीण एरिया में जो कनेक्शन हैं, उसके आधार पर सर्वे किया जाएगा। अगर वहां खंभा नहीं लगा है तो उसका प्रपोजल बनाकर भेजा जाएगा और खंभे लगाए जाएंगे। - रितेश अग्रहरि, जेई, बिजली निगम।
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