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Bhadohi News: चौड़ीकरण में बाधा बने बिजली के खंभे, 87 करोड़ की 11 सड़क परियोजनाओं का काम होना बाकी
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ज्ञानपुर/ऊंज। जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में स्वीकृत 87 करोड़ की 11 सड़कों के चौड़ीकरण में बिजली के खंभे बाधा बन गए है।
3.75 मीटर की बजाए अब यह सड़कें 5.50 मीटर चौड़ी हो रही हैं, लेकिन किनारे स्थित बिजली के खंभे निर्माण की रफ्तार को सुस्त कर दिए हैं। खंभे हटाने के लिए निगम का भेजा प्रस्ताव अब तक स्वीकृत नहीं हो सका है। इससे दिसंबर 2025 तक इन सड़कों के पूर्ण होना मुश्किल दिख रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों की हालत दयनीय है। जर्जर सड़कों के कारण अक्सर लोग दुर्घटना का शिकार होते हैं। मानसून में इन सड़कों पर जलभराव के चलते राहगीरों को मुसीबत झेलनी पड़ती है।
जिले के कई बार गड्ढा मुक्ति को लेकर अभियान भी चले, लेकिन उसमें सिर्फ लोक निर्माण विभाग से जुड़ी सड़कें शामिल रहीं। भदोही, औराई और ज्ञानपुर विधानसभा की तमाम सड़कों की हालत खराब है। पीएमजीएसवाई में पांच से आठ साल बाद ही सड़कें स्वीकृत होती हैं। एक दशक पहले बनी सड़कें अब जर्जर हो चुकी हैं। मई-जून 2024 में केंद्रीय स्तर से 11 ग्रामीण सड़कों की दशा सुधारने के लिए 87 करोड़ स्वीकृत किया गया। इसमें पांच किमी से लेकर करीब आठ किमी लंबी सड़कें हैं। दिसंबर 2024 में इन सड़कों को बनाने का काम शुरू हो गया, लेकिन चौड़ीकरण के कारण सड़क किनारे खंभे और पेड़ निगम की चुनौती को बढ़ा दिए है।
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11 सड़कों में दो को छोड़ दिया जाए तो नौ सड़क के किनारे खंभे और पेड़ की अधिकता है। इससे इन मार्ग पर मिट्टी एवं गिट्टी का कार्य भी आधा अधूरा हो सका है।
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3.75 मीटर की बजाए अब यह सड़कें 5.50 मीटर चौड़ी हो रही हैं, लेकिन किनारे स्थित बिजली के खंभे निर्माण की रफ्तार को सुस्त कर दिए हैं। खंभे हटाने के लिए निगम का भेजा प्रस्ताव अब तक स्वीकृत नहीं हो सका है। इससे दिसंबर 2025 तक इन सड़कों के पूर्ण होना मुश्किल दिख रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों की हालत दयनीय है। जर्जर सड़कों के कारण अक्सर लोग दुर्घटना का शिकार होते हैं। मानसून में इन सड़कों पर जलभराव के चलते राहगीरों को मुसीबत झेलनी पड़ती है।
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जिले के कई बार गड्ढा मुक्ति को लेकर अभियान भी चले, लेकिन उसमें सिर्फ लोक निर्माण विभाग से जुड़ी सड़कें शामिल रहीं। भदोही, औराई और ज्ञानपुर विधानसभा की तमाम सड़कों की हालत खराब है। पीएमजीएसवाई में पांच से आठ साल बाद ही सड़कें स्वीकृत होती हैं। एक दशक पहले बनी सड़कें अब जर्जर हो चुकी हैं। मई-जून 2024 में केंद्रीय स्तर से 11 ग्रामीण सड़कों की दशा सुधारने के लिए 87 करोड़ स्वीकृत किया गया। इसमें पांच किमी से लेकर करीब आठ किमी लंबी सड़कें हैं। दिसंबर 2024 में इन सड़कों को बनाने का काम शुरू हो गया, लेकिन चौड़ीकरण के कारण सड़क किनारे खंभे और पेड़ निगम की चुनौती को बढ़ा दिए है।
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11 सड़कों में दो को छोड़ दिया जाए तो नौ सड़क के किनारे खंभे और पेड़ की अधिकता है। इससे इन मार्ग पर मिट्टी एवं गिट्टी का कार्य भी आधा अधूरा हो सका है।