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रूस-यूक्रेन युद्ध का असर, नहीं मिल रहा सब्सिडीयुक्त ईंधन
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रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने आमजन के साथ ही कॉरपोरेट जगत पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। तीन दिन से उत्तर प्रदेश परिवहन निगम प्रति लीटर ईंधन डीजल चार से पांच रुपये महंगे दर पर खरीद कर बसों का संचालन कर रहा है।
कारपोरेट जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध भारतीय अर्थ व्यवस्था को भी प्रभावित कर रहा है। भारत क्रूड आयल का इंपोर्ट करता है। आयात खर्च बढ़ने से आर्थिक बैलेंसशीट बिगड़ेगी। यदि क्रूड आयल का भाव 100 डालर के पार बना रहा तो पेट्रो पदार्थों के मूल्य उछाल लेकर महंगाई पर सीधा असर डालेंगे। इस बीच रोडवेज प्रशासन ने भी चालकों व परिचालकों को बसों में विभाग की तरफ से चयनित पंपों से ही तेल भरवाने का निर्देश दिया है। परिवहन निगम की तरफ से जिले से होकर प्रतिदिन 250 से अधिक बसों का संचालन किया जाता है। परिवहन निगम के प्रबंधक केके तिवारी ने बताया कि हाईवे पर दिन-रात मिलाकर चार से पांच चक्कर लगाने वाली छोटी-बड़ी बसों में मानक के हिसाब से ईंधन डिपो स्थित पंप से भरवाया जाता रहा है। रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को देखते हुएसब्सिडीयुक्त ईंधन नहीं मिलने पर चालकों व परिचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि विभाग की ओर से चयनित पंप पर ईंधन भरवाएं। रोडवेज की बसों में प्रतिदिन ईंधन भरवाने पर प्रति लीटर चार से पांच रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ेगा।
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कारपोरेट जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध भारतीय अर्थ व्यवस्था को भी प्रभावित कर रहा है। भारत क्रूड आयल का इंपोर्ट करता है। आयात खर्च बढ़ने से आर्थिक बैलेंसशीट बिगड़ेगी। यदि क्रूड आयल का भाव 100 डालर के पार बना रहा तो पेट्रो पदार्थों के मूल्य उछाल लेकर महंगाई पर सीधा असर डालेंगे। इस बीच रोडवेज प्रशासन ने भी चालकों व परिचालकों को बसों में विभाग की तरफ से चयनित पंपों से ही तेल भरवाने का निर्देश दिया है। परिवहन निगम की तरफ से जिले से होकर प्रतिदिन 250 से अधिक बसों का संचालन किया जाता है। परिवहन निगम के प्रबंधक केके तिवारी ने बताया कि हाईवे पर दिन-रात मिलाकर चार से पांच चक्कर लगाने वाली छोटी-बड़ी बसों में मानक के हिसाब से ईंधन डिपो स्थित पंप से भरवाया जाता रहा है। रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को देखते हुएसब्सिडीयुक्त ईंधन नहीं मिलने पर चालकों व परिचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि विभाग की ओर से चयनित पंप पर ईंधन भरवाएं। रोडवेज की बसों में प्रतिदिन ईंधन भरवाने पर प्रति लीटर चार से पांच रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ेगा।
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