भदोही। शहर और देहात इलाकों में गर्मी अपना असर तेजी से दिखाने लगी है। इसका सर्वाधिक असर बच्चों और बूढ़ों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। राजकीय अस्पताल की ओपीडी में डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) समेत उल्टी, दस्त, सरदर्द, बुखार, पेट दर्द, डायरिया के मरीज 20-22 प्रतिशत तक बढ़ गए है। भारी संख्या में मरीज अस्पताल आ रहे हैं और शाम तक उपचार कराकर लौट रहे हैं। अन्य अस्पतालों में भी भीड़ बढ़ी है। बावजूद इसके अस्पतालों में जरूरी दवाएं नहीं हैं। यहां के कई अस्पतालों में ग्लूकोज, ओआरएस खत्म हो चुका है। महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय में हीट स्ट्रोक, उल्टी-दस्त के मरीजों के लिए अलग से व्यवस्था कराई गई है। प्रतिदिन 10-12 की संख्या में मरीज आ रहे हैं। लेकिन अस्पताल में अक्सर ओआरएस या ग्लूकोज या दोनों नदारत रहते हैं। यदि समय से दवाओं की डिमांड कर दी जाए तो ऐसी नौबत न आए। मौजूदा समय में ओआरएस दो दिन के लिए उपलब्ध है जबकि शुक्रवार को ग्लूकोज पाउडर नहीं था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चौरी रोड में अभी स्थिति सामान्य बताई गई है। सीएचसी अधीक्षक डॉ.अमरनाथ ने किया है। कहा वहां प्रतिदिन बुखार, सिर दर्द, सर्दी, खांसी के मरीज आ रहे हैं। अभी और गर्मी बढ़ने की संभावना एमबीएस अस्पताल के ही डॉ. वीके मौर्य ने बताया कि गर्मी के कारण होने वाली मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसका मुख्य कारण है कि इस वर्ष गर्मी पहले ही शुरू हो गई है। यह भी कहा जा रहा है कि मई में भीषण गर्मी का सामना होगा। इसलिए बढ़े तापमान और तेज उमस में शरीर डिहाइड्रेट हो रहा है। लेकिन ऐसे में बाजार के खुले में रखे जाने वाले शीतल पेय, फलों का जूस का इस्तेमाल जरा संभल कर करें। उन्होंने अभिभावकों को इस स्थिति से सतर्क रहने को कहा जा रहा है।

ज्ञानपुर नगर में गर्मी से बचने के लिए चेहरा ढंककर स्कूल जाते छात्र। संवाद- फोटो : BHADOHI