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आईआईसीटी में स्थापित होगी ईको फ्रेंडली टेस्टिंग प्रयोगशाला
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भदोही। भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय से संचालित भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) जहां कालीन और कपड़ा प्रौद्योगिकी में बीटेक कोर्स संचालित है। शीघ्र ही यहां की प्रयोगशालाएं न केवल उच्चीकृत हो जाएंगी बल्कि कालीन निर्यातकों को ईको टेस्टिंग की व्यवस्था मिलने लगेगी। दुनिया भर में ईको फ्रेंडली हस्त नि र्मित कालीनों की मांग तेजी से बढ़ रही है और अक्सर उद्यमियों को अपने ईको फ्रेंडली उत्पादों को प्रमाणित करके देना होता है। ऐसी स्थिति में इसे उद्योग हित में बताया जा रहा है।
आईआईसीटी की स्थापना केंद्र सरकार ने कालीन उद्यमियों के लाभ दिलाने के नजरिए से की थी। मौजूदा समय में यहां चार वर्षीय बीटेक डिग्री कोर्स के अलावा डाइंग, डिजाईनिंग के अंशकालिक कोर्स भी चलाए जा रहे हैं। यहां संचालित कंप्यूटर डिजाईनिंग कोर्स युवाओं में काफी लोकप्रिय है तथा कोर्स करने के बाद युवाओं को अच्छी नौकरी मिल जाती है। संस्थान के निदेशक डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि जब से रसायनिक डाईंग और उसके खतरों के प्रति लोग जागरूक हुए हैं ईको फ्रेंडली कालीनों, दरियों की मांग बढ़ी है। अधिकतर लोग उत्पादों को प्रयोगशालाओं में प्रमाणित कराकर भेजने की मांग कर रहे हैं।
आईआईसीटी में बाकी जांच की सुविधा तो थी लेकिन ईको फ्रेंडली रंगाई, धुलाई आदि की जांच उद्यमियों को बाहर से करानी पड़ती थी। इसके लिए हो रहे प्रयासों के चलते केंद्र सरकार ने संस्थान में ईको फ्रेंडली लैब स्थापित करने सहित पूर्व की प्रयोगशालाओं को उच्चीकृत करने की स्वीकृति दे दी है साथ ही 50 प्रतिशत धन भी जारी कर दी है। बताया कि उच्चीकरण पर काम शुरू हो गया है। दो से तीन महीनों में नई प्रयोगशाला का लाभ कालीन निर्यातकों और उत्पादकों को मिलने लगेगी।
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आईआईसीटी की स्थापना केंद्र सरकार ने कालीन उद्यमियों के लाभ दिलाने के नजरिए से की थी। मौजूदा समय में यहां चार वर्षीय बीटेक डिग्री कोर्स के अलावा डाइंग, डिजाईनिंग के अंशकालिक कोर्स भी चलाए जा रहे हैं। यहां संचालित कंप्यूटर डिजाईनिंग कोर्स युवाओं में काफी लोकप्रिय है तथा कोर्स करने के बाद युवाओं को अच्छी नौकरी मिल जाती है। संस्थान के निदेशक डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि जब से रसायनिक डाईंग और उसके खतरों के प्रति लोग जागरूक हुए हैं ईको फ्रेंडली कालीनों, दरियों की मांग बढ़ी है। अधिकतर लोग उत्पादों को प्रयोगशालाओं में प्रमाणित कराकर भेजने की मांग कर रहे हैं।
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आईआईसीटी में बाकी जांच की सुविधा तो थी लेकिन ईको फ्रेंडली रंगाई, धुलाई आदि की जांच उद्यमियों को बाहर से करानी पड़ती थी। इसके लिए हो रहे प्रयासों के चलते केंद्र सरकार ने संस्थान में ईको फ्रेंडली लैब स्थापित करने सहित पूर्व की प्रयोगशालाओं को उच्चीकृत करने की स्वीकृति दे दी है साथ ही 50 प्रतिशत धन भी जारी कर दी है। बताया कि उच्चीकरण पर काम शुरू हो गया है। दो से तीन महीनों में नई प्रयोगशाला का लाभ कालीन निर्यातकों और उत्पादकों को मिलने लगेगी।
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